‘अमेरिका से माफी मांगेगा भारत’, ट्रंप से 2 कदम आगे निकला उनका ये मंत्री, BRICS पर दे दिया बड़ा बयान
US Tariff News: अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत को रूस से तेल खरीद और BRICS में भूमिका को लेकर अमेरिका से माफी मांगनी चाहिए और अपनी नीतियों में बदलाव लाना चाहिए।
- Written By: अक्षय साहू
अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक (फोटो- सोशल मीडिया)
Howard Lutnick on India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को लेकर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। अब उनके मंत्रियों और सलाहकारों ने भी भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। इसी बीच अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि भारत को अमेरिका से माफी मांगनी चाहिए, खासकर रूस से तेल खरीद और ब्रिक्स जैसे गुट में सक्रिय भूमिका को लेकर।
लुटनिक ने साफ शब्दों में कहा कि भारत को रूसी तेल की खरीद बंद करनी चाहिए, ब्रिक्स से बाहर आना चाहिए और अमेरिकी बाजार के लिए अपनी नीतियों में नरमी लानी चाहिए। लुटनिक का ये बयान भारत द्वारा ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो के मुनाफाखोरी ब्राह्मण वाले टिप्पणी के खंडन करने के बाद आया।
हमने भारत-रूस को खो दिया: ट्रंप
वहीं, राष्ट्ररपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि,अमेरिका ने भारत और रूस को “अंधेरे चीन” के हाथों खो दिया है। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लुटनिक ने ब्लूमबर्ग के साथ बातचीत में कहा कि भारत को अमेरिका से माफी मांगनी होगी और व्यापार वार्ता फिर से शुरू करनी होगी।
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उन्होंने आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि अगले एक-दो महीने में भारत माफी मांगेगा और अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत फिर शुरू करेगा। अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ से भारत के कारोबारी वर्ग पर दबाव बढ़ेगा, जिससे भारत सरकार को बातचीत की मेज पर लौटना पड़ेगा।”
लुटनिक ने ब्रिक्स पर जताई आपत्ति
लुटनिक ने ब्रिक्स देशों द्वारा अमेरिकी डॉलर का विकल्प खोजने की कोशिशों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे समय में डॉलर का समर्थन करना चाहिए जब प्रतिद्वंद्वी देश इसकी वैधता को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की पश्चिमी रणनीति के बीच भारत ने उल्टा रास्ता अपनाते हुए रूस से तेल आयात बढ़ा दिया है, जो कि अमेरिका के हितों के खिलाफ है।
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अमेरिकी टैरिफ के कट्टर समर्थक
हॉवर्ड लुटनिक, जो कभी कैंटर फिट्जगेराल्ड के सीईओ थे, आज 800 से अधिक व्यवसायों के बड़े वित्तीय साम्राज्य के मालिक हैं। वह अमेरिकी टैरिफ नीति के कट्टर समर्थक माने जाते हैं और ट्रंप की व्यापार रणनीति में उनकी प्रमुख भूमिका है। उनके ग्रीनलैंड के खनन उद्योग में भी महत्वपूर्ण निवेश हैं, खासकर क्रिटिकल मेटल्स के क्षेत्र में।
