

Venezuela President Maduro: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, इस ऑपरेशन में मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तार किया गया और उन्हें वेनेज़ुएला से बाहर ले जाया गया। यह पूरा अभियान अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से किया गया।
हालांकि कुछ रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की वर्तमान स्थिति का कोई पता नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों के सुरक्षित होने का ठोस प्रमाण सामने लाया जाना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कदम वेनेज़ुएला में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता, मानवाधिकार उल्लंघनों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने के आरोपों के मद्देनजर उठाया गया। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई किसी सैन्य हस्तक्षेप की बजाय कानून प्रवर्तन के दायरे में की गई, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन को इस तरह डिजाइन किया गया था कि इसकी भनक आखिरी समय तक किसी को न लगे। खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन इकाइयों के बीच उच्चस्तरीय समन्वय रखा गया और पूरे मिशन को बेहद सीमित जानकारी के साथ अंजाम दिया गया। ट्रंप के अनुसार, इस गोपनीयता का मकसद किसी भी तरह के टकराव, हिंसा या क्षेत्रीय अस्थिरता को टालना था।
हालांकि, ट्रंप के इस बयान पर वेनेजुएला सरकार या राष्ट्रपति मादुरो की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह लैटिन अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। साथ ही अमेरिका-वेनेज़ुएला संबंधों पर इसका दूरगामी असर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर माहौल गर्म है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह दावा राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है या इसके पीछे कोई ठोस कार्रवाई वाकई हुई है। फिलहाल,