सेना में भर्ती के बदले नियम! ईरान युद्ध के बीच US का ऐतिहासिक फैसला, अब बदलेगा सालों पुराना सिस्टम
US Army Recruitment New Rule: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका ने सैन्य भर्ती प्रणाली में दशकों बाद बड़ा बदलाव किया है। अब योग्य पुरुषों का ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन होगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
US आर्मी, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
US Army Recruitment New Rule Iran War Impact: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान के साथ जारी संघर्ष की स्थितियों के बीच अमेरिका ने एक ऐतिहासिक सैन्य निर्णय लिया है। वाशिंगटन ने अपनी दशकों पुरानी सैन्य भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करने का प्रस्ताव मंजूर किया है।
इस नए नियम के तहत अब अमेरिकी युवाओं को सेना में भर्ती के लिए स्वयं पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि सरकार की ओर से उनका ‘ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन’ (Automatic Registration) किया जाएगा।
वियतनाम युद्ध के बाद सबसे बड़ा सुधार
यह कदम वियतनाम युद्ध के बाद से अमेरिकी सैन्य ढांचे में किया गया सबसे महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, सेलेक्टिव सर्विस सिस्टम (SSS) दिसंबर 2026 तक इस नई स्वचालित पंजीकरण योजना को पूरी तरह लागू करने की योजना बना रहा है।
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इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य पंजीकरण की जिम्मेदारी को युवाओं के कंधों से हटाकर सीधे सरकारी एजेंसियों को सौंपना है। हालांकि अमेरिका में वियतनाम युद्ध के बाद से अनिवार्य सैन्य भर्ती (Draft) नहीं हुई है, लेकिन वर्तमान वैश्विक संघर्षों और ईरान के साथ बढ़ते खतरे ने इस तैयारी को अनिवार्य बना दिया है।
क्या है नए प्रावधान?
यह महत्वपूर्ण बदलाव कांग्रेस द्वारा पारित 2026 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA) के तहत किया गया है। इस अधिनियम में संघीय डेटाबेस को एकीकृत करने का प्रावधान है, जिससे पात्र पुरुषों को सीधे ड्राफ्ट डेटाबेस में नामांकित किया जा सके। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, 18 से 25 वर्ष की आयु के सभी पुरुषों को अपनी 18वीं वर्षगांठ के 30 दिनों के भीतर सेलेक्टिव सर्विस में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है।
इस नियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना, जेल की सजा और सरकारी लाभों या नौकरियों से वंचित होने जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अब स्वचालित व्यवस्था लागू होने से पुरानी मैनुअल प्रणाली का आधुनिकीकरण होगा और सरकारी संसाधनों की भी बड़ी बचत होगी।
ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
इस प्रशासनिक बदलाव के साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपने सैन्य रुख को और भी कड़ा कर दिया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि जब तक ईरान के साथ होने वाले अंतिम समझौते का पूरी तरह और वास्तविक रूप से पालन नहीं हो जाता तब तक अमेरिकी युद्धपोत, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर सख्त चेतावनी देते हुए लिखा कि यदि समझौता लागू नहीं हुआ तो आगामी संघर्ष पहले से कहीं अधिक ‘बड़ा, बेहतर और अधिक ताकतवर’ रूप ले सकता है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने इस सिद्धांत पर अडिग है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और Strait of Hormuz वैश्विक व्यापार के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित बना रहेगा। अमेरिकी सशस्त्र बल फिलहाल किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए हाई-अलर्ट पर हैं।
