'कूड़ेदान' में गया ईरान का शांति प्रस्ताव! जेडी वेंस का बड़ा दावा, तेहरान ने ChatGPT से लिखवाया सीजफायर समझौता

Iran ChatGPT Ceasefire Proposal: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया है कि ईरान ने अपना पहला युद्धविराम प्रस्ताव ChatGPT से तैयार करवाया था। US के इस दावे से सनसनी मच गई है।
Iran's Peace Proposal Thrown in the 'Trash'! JD Vance Makes Bold Claim: Tehran Had Ceasefire Agreement Written by ChatGPT
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Iran ChatGPT Ceasefire Proposal JD Vance Claim: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बेहद दिलचस्प और तकनीकी खुलासा सामने आया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया है कि ईरान ने जो पहला युद्ध विराम (सीजफायर) प्रस्ताव भेजा था, वह AI टूल ChatGPT द्वारा लिखा गया था। वेंस के अनुसार, इस 10-सूत्रीय प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वार्ता टीम ने देखते ही खारिज कर दिया था।

तीन अलग-अलग प्रस्ताव

जेडी वेंस ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान ने सीजफायर के लिए तीन अलग-अलग संस्करण (Versions) भेजे थे। वेंस ने दावा किया कि पहला संस्करण पूरी तरह से ChatGPT द्वारा तैयार किया गया था जिसे ट्रंप की टीम के सदस्य स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर ने तुरंत अस्वीकार कर दिया। वेंस के मुताबिक, दूसरा संस्करण कुछ हद तक 'तर्कसंगत' था क्योंकि इसे पाकिस्तान-ईरान के वार्ताकारों के बीच आपसी विमर्श के बाद तैयार किया गया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने 'ट्रूथ सोशल' पोस्ट में इसी दूसरे संस्करण का उल्लेख किया था। हालांकि, तीसरे संस्करण को वेंस ने 'अतिवादी' करार दिया जिसमें अमेरिका के लिए कोई ठोस आधार नहीं था।

ईरान का जीत का दावा और हकीकत

दूसरी ओर, ईरान ने बुधवार को अमेरिका और इजरायल पर 'ऐतिहासिक जीत' का दावा किया है। तेहरान का कहना है कि ट्रंप प्रशासन उनके 10-सूत्रीय प्रस्तावों पर सहमत हो गया है जिसमें यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की अनुमति और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि ट्रंप ने ईरान के प्रस्तावों को 'कूड़ेदान' में फेंक दिया था और वे केवल बातचीत के आधार मात्र हैं।

इस्लामाबाद में शुरू होगी महाचर्चा

इस कूटनीतिक रस्साकशी के बीच, 11 अप्रैल से पाकिस्तान के इस्लामाबाद में औपचारिक शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीद है। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे खूनी संघर्ष को रोकना और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना है।

लेबनान पर फंसा पेच

सीजफायर की शर्तों को लेकर अभी भी कई गतिरोध बने हुए हैं। जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान संघर्ष विराम समझौते में लेबनान को कभी शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि ईरान को शायद भ्रम हुआ कि इसमें लेबनान भी शामिल है, जबकि अमेरिका ने ऐसा कोई वादा नहीं किया था। वहीं, इजरायल ने लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए हैं जिससे यह शांति प्रक्रिया और भी नाजुक हो गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com