अमेरिकी सैन्य हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Military Strike Bilal Al-Jassim Syria: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पश्चिम एशिया के मुस्लिम देश सीरिया में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार की रात हुए इस घातक हवाई हमले में अलकायदा से जुड़े एक वरिष्ठ आतंकवादी नेता को मार गिराया गया है, जिसकी पहचान बिलाल हसन अल-जासिम के रूप में हुई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी सैनिकों पर हुए पिछले हमलों का करारा जवाब बताया है। इस हवाई हमले के बाद क्षेत्र के अन्य देशों में हलचल बढ़ गई है और इसे आतंकवाद के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है।
सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इलाके में अमेरिकी सेना ने “हॉकआई स्ट्राइक” नामक अभियान के तहत अलकायदा नेता बिलाल हसन अल-जासिम को निशाना बनाया। अधिकारियों के अनुसार, यह आतंकवादी पिछले महीने हुए उस हमले से सीधे तौर पर जुड़ा था जिसमें दो अमेरिकी सार्जेंट और एक नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अभियान का आदेश देकर स्पष्ट किया है कि अमेरिकी जान की कीमत वसूलने के लिए सेना किसी भी हद तक जा सकती है।
CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक कड़े बयान में कहा कि अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों पर हमला करने वालों के लिए दुनिया में कहीं भी छुपने की जगह नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिलाल हसन जैसे अनुभवी आतंकवादी नेता की मौत उन लोगों के लिए एक सबक है जो हमारे योद्धाओं के खिलाफ साजिश रचते हैं। अमेरिका अपनी सेनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के आक्रामक अभियान जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह हवाई हमला 13 दिसंबर को हुए उस हमले के प्रतिशोध में किया गया था जिसमें सार्जेंट एडगर ब्रायन टॉरेस-टोवर और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड ने अपनी जान गंवाई थी। उस दुखद घटना में नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर साकात की भी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही अमेरिका हमलावरों की तलाश में था। बिलाल हसन को ढेर करके अमेरिकी सेना ने उन सभी परिवारों को न्याय देने की कोशिश की है जिन्होंने इस आतंकी हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है।
राष्ट्रपति ट्रंप का उद्देश्य तानाशाही नेता बशर असद के सत्ता से हटने के एक साल बाद इस्लामिक स्टेट (IS) के “ठगों” को फिर से संगठित होने से रोकना है। इस व्यापक अमेरिकी अभियान में जॉर्डन और सीरियाई सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 100 से अधिक हथियारों और ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाया गया है। सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ ने भी उग्रवादी समूहों के खिलाफ जारी इस गठबंधन और सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
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अमेरिकी सेना वर्तमान में स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर आतंकवाद विरोधी नेटवर्क को मजबूत कर रही है ताकि कट्टरपंथी समूहों के दोबारा उभरने की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि केवल निरंतर हवाई हमलों और जमीनी सहयोग के जरिए ही क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति स्थापित की जा सकती है। अमेरिकी रणनीतिकारों के अनुसार, यह ताजा हमला आतंकवाद के खिलाफ चल रही एक बहुत बड़ी और जटिल वैश्विक योजना का केवल एक हिस्सा मात्र है।
Ans: यह हमला 13 दिसंबर को हुए उस आतंकी हमले के जवाब में किया गया था जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक दुभाषिया मारे गए थे।
Ans: अमेरिकी सेना ने अलकायदा से जुड़े अनुभवी आतंकवादी नेता बिलाल हसन अल-जासिम को इस हवाई हमले में ढेर कर दिया है।
Ans: यह अमेरिका और उसके सहयोगियों (जैसे जॉर्डन) द्वारा सीरिया में इस्लामिक स्टेट और अलकायदा के 100 से अधिक ठिकानों को नष्ट करने का एक व्यापक सैन्य अभियान है।
Ans: हां, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों पर हुए हमलों के प्रतिशोध और आतंकवादियों को रोकने के लिए इस हवाई हमले का आदेश दिया था।
Ans: रिपोर्ट्स के अनुसार, सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ इस अभियान में अमेरिकी सेना के साथ सहयोग कर रहे हैं और उग्रवादी समूहों के खिलाफ गठबंधन में शामिल हैं।