(सोर्स- सोशल मीडिया)
Ukraine Delegation Reaches US: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल रविवार को अमेरिका पहुंच गया है। यह प्रतिनिधिमंडल युद्धविराम की योजना पर महत्वपूर्ण बातचीत करेगा। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध का सम्मानजनक अंत संभव है।
रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की दिशा में प्रयास पिछले कुछ दिनों में तेज हुए हैं। इसी क्रम में रविवार को यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा, जहां वह अमेरिकी नेताओं के साथ युद्धविराम की रणनीति पर चर्चा करेगा। यह बैठक फ्लोरिडा में होने वाली है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ भी शामिल होंगे। ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर की भी बैठक में मौजूद रहने की उम्मीद है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अमेरिका रचनात्मक दृष्टिकोण दिखा रहा है और आने वाले दिनों में युद्ध का सम्मानजनक अंत संभव है। उन्होंने लिखा कि जिनेवा में हुई बैठकों के आधार पर आगे की बातचीत अब अमेरिका में होगी। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के पास आवश्यक दिशा-निर्देश हैं और वे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ेंगे।
The Ukrainian delegation should already be in the United States by this evening, U.S. time. The dialogue based on the Geneva points will continue. Diplomacy remains active. The American side is demonstrating a constructive approach, and in the coming days it is feasible to flesh… pic.twitter.com/7eZC5c776w — Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) November 29, 2025
यूक्रेन की नेशनल सिक्योरिटी एंड डिफेंस काउंसिल के सचिव रुस्तम उमरोव इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन और अमेरिका मिलकर समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं और जिनेवा बैठकों का परिणाम अब अमेरिका में तय होगा।” यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब रूस ने यूक्रेन पर 36 मिसाइलों और 600 ड्रोन से हमला किया, जिसमें 3 लोगों की मौत और कई घायल हुए।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका की युद्धविराम योजना बातचीत का आधार बन सकती है। हालाकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूक्रेन पीछे नहीं हटा, तो रूस सैन्य कार्रवाई तेज कर क्षेत्र पर कब्जा कर लेगा। पुतिन ने कहा कि रूस “गंभीर बातचीत” के लिए तैयार है और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द मॉस्को पहुंच सकता है।
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यूक्रेन और अमेरिका के बीच यह कूटनीतिक पहल युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में वार्ता का परिणाम दुनिया के लिए बेहद अहम होगा।