ब्रिटेन में सख्त हुए इमिग्रेशन नियम (सोर्स-सोशल मीडिया)
Closing Government Funded Asylum Hotels: ब्रिटेन की सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में बड़े बदलाव करते हुए सरकारी फंड से चलने वाले शरणार्थी होटलों को धीरे-धीरे बंद करने की योजना बनाई है। होम ऑफिस के अनुसार यह कड़ा कदम अवैध प्रवासन को पूरी तरह रोकने और देश के टैक्सपेयर्स पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए उठाया गया है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो शरणार्थी कानून का उल्लंघन करेंगे, उनसे रहने की सुविधा और मिलने वाली आर्थिक मदद तत्काल वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही अब प्रवासियों को समाज में शामिल होने के लिए जनवरी 2026 से कड़े अंग्रेजी भाषा मानकों को भी अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
ब्रिटेन के होम ऑफिस ने सोमवार को घोषणा की कि वह उन होटलों को बंद कर रहा है जिनका उपयोग प्रवासियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए किया जाता था। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था टैक्सपेयर्स के लिए बहुत महंगी साबित हो रही है क्योंकि शरण की अर्जियों पर फैसले आने में काफी देरी होती है। अधिकारियों ने ‘बस… अब और नहीं’ का नारा देते हुए स्पष्ट किया है कि उदार शरण व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अब सख्ती बरती जाएगी।
इमिग्रेशन सुधारों के तहत अब प्रवासियों के लिए अंग्रेजी भाषा के ज्ञान को लेकर नए और कड़े नियम नवंबर से घोषित नीति के आधार पर लागू किए गए हैं। नाइजीरिया और अन्य देशों से आने वाले प्रवासियों को ब्रिटिश समाज का हिस्सा बनने से पहले अपनी बेहतर अंग्रेजी भाषा दक्षता का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। जनवरी 2026 से इन नए मानकों को पास करना जरूरी होगा ताकि प्रवासी देश के विकास में अपना पूरा योगदान दे सकें और समाज में घुल-मिल सकें।
शरणार्थी होटल वे अस्थायी आवास होते हैं जिन्हें सरकार उन लोगों के लिए फंड करती है जिनकी शरण संबंधी अर्जियां अभी विभाग के पास लंबित हैं। जब नियमित आवास या रैन बसेरे पूरी तरह भर जाते हैं, तब इन होटलों का उपयोग किया जाता है जहां प्रवासियों को भोजन और सीमित आर्थिक मदद मिलती है। हालांकि यहां रहने वाले प्रवासियों को काम करने की अनुमति नहीं होती है, इसलिए इन होटलों के इस्तेमाल को महंगा और अनुपयुक्त मानकर इसकी आलोचना होती रही है।
होम ऑफिस ने अपने बयान में दावा किया है कि कई प्रवासी जानबूझकर सुरक्षित यूरोपीय देशों को छोड़कर ब्रिटेन आते हैं क्योंकि यहां की व्यवस्था उदार है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अगर कोई भी प्रवासी ब्रिटेन के कानून को तोड़ता है, तो उसे मिल रही सभी सरकारी सुविधाएं तुरंत बंद कर दी जाएंगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासन के नेटवर्क को तोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लोग ही ब्रिटेन की शरण व्यवस्था का लाभ उठाएं।
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लंबे समय से ब्रिटेन की जनता और विपक्षी दल शरणार्थी आवासों पर हो रहे भारी खर्च को लेकर सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते रहे हैं। हजारों प्रवासियों को महीनों तक होटलों में रखने से सरकारी खजाने पर बड़ा दबाव पड़ा है जिसे अब सरकार होटलों को बंद करके कम करना चाहती है। प्रशासन का लक्ष्य आवास की लागत को घटाना और शरण के मामलों के निपटारे में होने वाली लंबी देरी को कम करके व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।