ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर का इस्तीफा देने से इनकार, एपस्टीन विवाद के बीच बोले- आखिरी दम तक लड़ूंगा

UK PM Controversy: ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने एपस्टीन विवाद के बीच इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति पर उठे सवालों के बाद अब उन्होंने आखिरी दम तक लड़ने का एलान किया है।
UK PM Keir Starmer Refuses to Resign Amid Peter Mandelson and Epstein Files Controversy
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Peter Mandelson Epstein Files Scandal: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हालिया राजनीतिक संकट के बीच पद छोड़ने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। एपस्टीन फाइल्स में पीटर मैंडेलसन का नाम आने के बाद लेबर पार्टी के भीतर से ही उनके इस्तीफे की मांग उठ रही थी। स्टार्मर ने पहले अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी, लेकिन अब उन्होंने सांसदों के सामने एक कड़ा रुख अपनाया है। वे इस विवाद का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने कहा है कि वह देश के लिए अपना काम जारी रखेंगे।

विवाद की मुख्य जड़

यह पूरा राजनीतिक संकट 2024 में वॉशिंगटन में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति से शुरू हुआ था। हाल ही में सामने आए एपस्टीन फाइल्स के दस्तावेजों ने मैंडेलसन के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पुराने संबंधों को उजागर किया है। आलोचकों का तर्क है कि इतनी महत्वपूर्ण पोस्ट पर नियुक्ति से पहले मैंडेलसन की पृष्ठभूमि की बहुत ही गहन जांच की जानी चाहिए थी।

पार्टी के भीतर विद्रोह

लेबर पार्टी के कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से स्टार्मर से इस्तीफा मांगा है जिससे उनकी सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कॉटलैंड के लेबर नेता एनास सरवर ने तो यहां तक कह दिया है कि डाउनिंग स्ट्रीट में अब नए नेतृत्व की जरूरत है। उनका मानना है कि गलत फैसलों की श्रृंखला ने लेबर पार्टी की साख को जनता के बीच काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है।

स्टार्मर का कड़ा रुख

दबाव के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने लेबर सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक में भावुक लेकिन आक्रामक भाषण देकर अपना पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने जीवन में हर लड़ाई जीती है और वह इस राजनीतिक चुनौती को भी जरूर जीतेंगे। स्टार्मर ने कहा कि वह अपने जनादेश से पीछे नहीं हटेंगे और पद त्यागने के बजाय अंतिम सांस तक मुकाबला करना जारी रखेंगे।

वरिष्ठ नेताओं का समर्थन

संकट की इस घड़ी में डिप्टी पीएम डेविड लैमी और विदेश मंत्री यवेट कूपर जैसे बड़े नेताओं ने पीएम का पूरा साथ दिया है। इन नेताओं का कहना है कि वैश्विक अस्थिरता के समय में देश को स्टार्मर जैसे अनुभवी नेतृत्व की बहुत अधिक आवश्यकता है। एंजेला रेनर ने भी उनका समर्थन किया है, जो पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं।

जांच और इस्तीफे

इस विवाद के कारण पीएम के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने नियुक्ति सलाह की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। पुलिस अब मैंडेलसन के खिलाफ सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के पुराने आरोपों की जांच कर रही है, हालांकि उन पर यौन आरोप नहीं है। विपक्षी नेता केमी बैडेनोच ने स्टार्मर पर लगातार गलत फैसले लेने का आरोप लगाया है और उनके पद पर बने रहने का विरोध किया है।

भविष्य की बड़ी अनिश्चितता

ब्रिटिश संसदीय व्यवस्था में बिना आम चुनाव के भी प्रधानमंत्री को हटाया जा सकता है जिससे राजनीतिक माहौल काफी अनिश्चित हो गया है। स्टार्मर ने एपस्टीन पीड़ितों से माफी मांगते हुए नियुक्ति से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का वादा किया है। अब देखना यह होगा कि क्या स्टार्मर अपनी पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत कर अपना शेष कार्यकाल पूरा कर पाएंगे।

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