TTP से उलझी थी फौज, इधर BLA ने कर दिया ‘खेला’; महिला फिदायीन ने 200 से अधिक जवानों को पहुंचाया जहन्नुम
BLA Operation Herof 2.0: बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के तहत 12 जिलों में समन्वित हमले किए हैं। BLA का दावा है कि इसमें 200 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
BLA ने पाक फौज की उड़ाई नींद, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
BLA Operation Pakistan Soldiers Killed: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर भीषण हिंसा की चपेट में है। ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ (BLA) ने अपनी बदली हुई रणनीति के तहत ‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’ शुरू किया है जिसने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को गहरे जख्म दिए हैं। इस बार बलूच विद्रोहियों ने किसी छिटपुट हमले के बजाय एक संगठित अभियान के तहत पाकिस्तानी सेना को कई इलाकों में घेर लिया है जिससे सेना को हर मोर्चे पर शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है।
सटीक समय और भौगोलिक लाभ
BLA ने इस हमले के लिए समय का चुनाव बहुत चतुराई से किया। जब पाकिस्तानी सेना उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ बड़े ऑपरेशन में व्यस्त थी, ठीक उसी समय 31 जनवरी 2026 को BLA ने अपना मोर्चा खोल दिया। संगठन ने बलूचिस्तान के दुर्गम पहाड़ों और रेगिस्तानी भूगोल का फायदा उठाते हुए क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी और पसनी जैसे 12 जिलों के लगभग 48 इलाकों में एक साथ हमले किए। एक साथ इतने स्थानों पर हमले होने के कारण पाकिस्तानी सेना की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
भारी तबाही और महिला फिदायीन का इस्तेमाल
BLA के प्रवक्ता जीयांद बलूच के अनुसार, इस ऑपरेशन में अब तक पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से अधिक जवान मारे गए हैं और 17 को बंदी बना लिया गया है।
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इस बार की रणनीति में सबसे चौंकाने वाला पहलू महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल है। BLA ने आसिफा मेंगल और हवा बलोच नामक दो महिला फिदायीन की तस्वीरें जारी की हैं जिन्होंने सैन्य ठिकानों पर आत्मघाती हमले किए। विद्रोहियों ने न केवल सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाया, बल्कि बैंकों, सरकारी कार्यालयों पर कब्जा किया और सेंट्रल जेल से कई कैदियों को रिहा भी करवा दिया।
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विरोध का मुख्य कारण क्या है?
BLA इन हमलों को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) परियोजनाओं और बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों (गैस, तांबा, सोना) के शोषण के खिलाफ एक जवाबी कार्रवाई बता रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रांत संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद पाकिस्तान का सबसे गरीब हिस्सा बना हुआ है। इसके अलावा, हजारों बलूच लोगों के गायब होने और सेना की कथित बर्बरता ने इस विद्रोह की आग में घी डालने का काम किया है।
