ओढ़कर शांति का चोला…दुनिया को बना रहे आग का गोला! जानिए नोबेल के लिए तड़प रहे ट्रंप के ‘काले कांड’
US Strikes Venezuela: खुद को शांति का मसीहा बताने और नोबेल की चाह रखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति की असली सच्चाई कुछ और ही है। वेनेजुएला के अलावा ट्रंप एक साल के अंदर कई देशों को निशाना बना चुके हैं।
- Written By: अभिषेक सिंह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (डिजाइन फोटो)
America Attacks Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को ‘शांतिदूत’ के तौर पर पेश करने की कोशिश की। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध रोके हैं, जिसमें मई में भारत और पाकिस्तान के बीच का संघर्ष भी शामिल है। हालांकि, यह दावा पूरी तरह से उनका अपना है। भारत इसे सिरे से खारिज कर चुका है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान और इजराइल ने ट्रंप का समर्थन किया, उन्हें शांति का मसीहा बताया और यहां तक कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार देने की भी मांग की। वहीं, ट्रंप के दावों और नापाक इरादों वाले पाकिस्तान और इजरायल के समर्थन से इतर सच्चाई काफी अलग है। जिसे सुनकर शायद आपको यकीन करना भी मुश्किल हो।
कितने देशों पर बम बरसा चुके ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के बाद पिछले साल यानी 2025 में 20 जनवरी को अपने दूसरे कार्यकाल का पदभार संभाला। इसके बाद से डोनाल्ड ट्रंप ने सात देशों पर हमले किए हैं। यह संख्या उन युद्धों की संख्या से सिर्फ एक कम है जिन्हें रोकने का वह दावा करते हैं।
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एक साल में किए 622 बमबारी हमले
आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा प्रोजेक्ट के अनुसार, 20 जनवरी 2025 से अमेरिका ने विदेशी धरती पर कुल 622 बमबारी हमले किए हैं। ये हमले अमेरिकी विमानों और ड्रोन के जरिए किए गए। आइए उन सात देशों पर नज़र डालते हैं जहां ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से अमेरिकी सेना ने बमबारी की है।
वेनेजुएला पर किया सबसे बड़ा हमला
अमेरिकी सेना पिछले साल यानी 2025 से वेनेजुएला को निशाना बना रही है। पिछले साल ज़्यादातर हमले वेनेजुएला की नावों और तेल टैंकरों पर हुए थे। हालांकि, 2026 के तीसरे दिन अमेरिकी सेना ने राजधानी काराकास पर बड़े पैमाने पर बमबारी की। जिससे हवाई अड्डे, बंदरगाह और प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठान नष्ट हो गए। ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने का भी दावा किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
अमेरिका ने अगस्त में वेनेजुएला के खिलाफ सेना जमा करना शुरू कर दिया था। पहला हमला एक छोटी नाव पर 2 सितंबर को हुआ था। जबकि अब तक अमेरिका ने 30 से ज्यादा नावों को तबाह कर चुका है। जिसके परिणामस्वरूप लगभग 95 लोगों की मौत हुई है। इसे शांति के नाम पर शस्त्र उठाने की वजह नहीं कहा जा सकता है।
सीरिया में ISIS के ठिकानों पर हमला
हाल ही में सीरिया के पाल्मायरा में दो अमेरिकी सैनिक और एक अनुवादक मारे गए। हत्याओं के लिए ISIS को दोषी ठहराया गया और डोनाल्ड ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। 19 दिसंबर की रात को अमेरिकी सेना ने ISIS से जुड़े 70 ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान शुरू किया।
नाइजीरिया में ISIS को बनाया निशाना
अमेरिका अपने ही सहयोगी नाइजीरिया पर ईसाइयों के नरसंहार में मिलीभगत का आरोप लगाता है। उसका दावा है कि ISIS आतंकवादी ईसाई समुदाय को निशाना बना रहे हैं, जबकि सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कुछ दिन पहले ट्रंप ने नाइजीरिया पर हमला करने की धमकी दी थी और 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन यह धमकी हकीकत बन गई। अमेरिकी हवाई हमले में कई ISIS आतंकवादी मारे गए।
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अटैक
12 जून को इजरायल ने अचानक ईरान पर हमला किया और उसके मुख्य सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। 22 जून को अमेरिका भी इस संघर्ष में शामिल हो गया। अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने ईरान के इस्फहान, फोर्डो और नतान्ज परमाणु ठिकानों पर बमबारी की।
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद की तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
जवाब में ईरान ने भी कतर में एक अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन इस संघर्ष के सिर्फ 12 दिन बाद 22 जून को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हो गया। इस संघर्ष में इजरायल के 28 नागरिक मारे गए और ईरान के 1100 से ज्यादा लोग मारे गए।
सोमालिया में भी बरसाए जमकर बम
अमेरिका अफ्रीकी देश सोमालिया में भी हमले कर रहा है। अमेरिका ने पिछले साल फरवरी में अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब और ISIS के खिलाफ बमबारी अभियान शुरू किया था। अब तक 111 हमले किए जा चुके हैं। अमेरिकी सेना सोमाली सेना को ट्रेनिंग भी देती है और अल-शबाब के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाती है। अल-शबाब दक्षिण-मध्य सोमालिया के कुछ हिस्सों को कंट्रोल करता है, जबकि ISIS पुंटलैंड के पहाड़ी इलाकों को कंट्रोल करता है।
यमन में हूती ठिकानों पर किया हमला
ट्रंप प्रशासन पिछले साल मार्च से ऑपरेशन रफ राइडर के तहत यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ लगातार हमले कर रहा है। इजरायल के गाजा पर हमले के बाद से हूती विद्रोही लाल सागर में अमेरिकी और इजरायली जहाजों को निशाना बना रहे हैं। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने हूती विद्रोही बंदरगाहों, हवाई रक्षा प्रणालियों, रडार प्रणालियों और राजधानी सना पर बमबारी की। हालांकि, ओमान के दखल के बाद 6 मई से युद्धविराम लागू है।
यह भी पढे़ें: ड्रग्स कॉर्टेल या तेल का खेल? ट्रंप का ‘मास्टरप्लान’ है वेनेजुएला पर अटैक, भारत के ऊपर भी भयानक संकट
इराक के अल-अनबर पर किया अटैक
ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिकी सेना ने पिछले साल 13 मार्च को इराक में हवाई हमले किए। इस हमले में इराक के अल-अनबर प्रांत को निशाना बनाया गया था और इसका मकसद ISIS से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था। अमेरिका ने यह हमला इराकी खुफिया एजेंसियों के सहयोग से किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में एक भगोड़े ISIS नेता के मारे जाने की पुष्टि की।
Frequently Asked Questions
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Que: अमेरिका एक साल में कितने देशों पर बम बरसा चुका है?
Ans: अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के बाद पिछले साल यानी 2025 में 20 जनवरी को अपने दूसरे कार्यकाल का पदभार संभाला। इसके बाद से अमेरिका ने सात देशों पर हमले किए हैं।
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Que: ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में कितने बमवर्षक हमले किए गए हैं?
Ans: आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा प्रोजेक्ट के अनुसार, 20 जनवरी 2025 से अमेरिका ने विदेशी धरती पर कुल 622 बमबारी हमले किए हैं।
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Que: डोनाल्ड ट्रंप ने कितने युद्धों को रुकवाने का दावा किया है?
Ans: डोनाल्ड ट्रंप ने बीते एक साल में कम से कम आठ युद्धों को रुकवाने का दावा किया है।
