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अफगानिस्तान के बाद इराक से भी निकलेगी US आर्मी…30 सितंबर तक छोड़ेगी बगदाद, ट्रंप ने अचानक क्यों लिया फैसला?

US Troops in Iraq: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इराका के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने घोषणा की है कि 30 सितंबर 2026 तक सभी अमेरिकी सैनिक इराक से छोड़कर वापिस लौट जाएंगे।

  • Written By: अक्षय साहू
Updated On: Jul 15, 2026 | 09:27 PM

इराक से वापस लौटेंगे अमेरिकी सैनिक (AI जेनरेटेड इमेज)

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US Troops Withdrawal Iraq: अमेरिका ने ऐलान कर दिया है कि वो जल्द ही इराक से अपनी सैना को पूरी तपह वापस बुला लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने संयुक्त घोषणा करते हुए कहा कि 30 सितंबर 2026 तक इराक में तैनात सभी अमेरिकी सैनिक वापस बुला लिए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका और इराक के रिश्ते सैन्य सहयोग के बजाय व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी पर आधारित होंगे। 

अमेरिका के इस फैसले पर सवाल उठने भी शुरू हो गए हैं और पूछ रहे हैं कि जिस इराक पर कब्जा करने के लिए अमेरिका के 4,500 अधिक सैनिक और 32,000 सैनिक घायल हुए थे। अमेरिका उससे अचानक क्यों निकलना चाहता है? क्या अमेरिका धीरे-धीरे पूरे मिडिल ईस्ट में तैनात अपने सैनिकों को वापस बुलाने वाला है?   

फैसले को लेकर अमेरिका ने क्या कहा?

इराक से सैनिकों की वापसी का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका पूरे पश्चिम एशिया से अपना सैन्य नेटवर्क खत्म कर रहा है। हाल के महीनों में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में करीब 10 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस समय मिडिल ईस्ट में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप और इराकी पीएम अली अल-जैदी (सोर्स- सोशल मीडिया)

CENTCOM ने बताया कि ये सैनिक कई देशों के एयरबेस, नौसैनिक अड्डों और विमानवाहक पोतों पर मौजूद हैं। अमेरिका का मकसद क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखना, आतंकवाद पर नजर रखना और अपने सहयोगी देशों की रक्षा करना है। इसलिए इराक से वापसी को पूरे क्षेत्र से विदाई नहीं माना जा रहा।

कहां कितने अमेरिकी सैनिक तैनात?

मिडिल ईस्ट में तैनात है अमेरिका के 50 हजार सैनिक (AI जेनरेटेड इमेज)

खाड़ी देशों में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी अब भी काफी मजबूत है। कुवैत में लगभग 13,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और यह अमेरिका का सबसे बड़ा जमीनी लॉजिस्टिक केंद्र माना जाता है। कतर के अल-उदीद एयरबेस पर करीब 11 हजार सैनिक और 100 से अधिक लड़ाकू विमान मौजूद हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है, जहां 9 हजार से ज्यादा नौसैनिक तैनात हैं। वहीं,  जॉर्डन में लगभग 3,800 सैनिक सुरक्षा और खुफिया अभियानों में लगे हैं। संयुक्त अरब अमीरात के अल-दफरा एयरबेस पर करीब 3,500 सैनिक हैं, जबकि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर 2,700 से अधिक सैनिक तैनात हैं। सीरिया में भी 900 से 2,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।

इराक से क्यों निकल रहा अमेरिका?

इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। इराकी संसद और वहां की जनता लंबे समय से विदेशी सैनिकों की वापसी की मांग कर रही थी। इसके अलावा ईरान समर्थित शिया मिलिशिया समूह लगातार अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहे थे, जिससे सुरक्षा खतरा बढ़ गया था।

इराक में तैनाती अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए खतरा (सोर्स- सोशल मीडिया)

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण इराक दोनों देशों के बीच टकराव का केंद्र बनता जा रहा था। इसी बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने अमेरिका को भरोसा दिया कि अमेरिकी सेना के जाने के बाद सरकार हथियारबंद मिलिशिया समूहों को निशस्त्र करेगी और केवल सरकारी सुरक्षा बलों के पास ही हथियार रहेंगे।

नई रणनीति के तहत ट्रंप ने लिया फैसला

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका अब लंबे समय तक दूसरे देशों में बड़ी संख्या में सैनिक तैनात रखने की नीति से दूरी बना रहा है। नई रणनीति के तहत अमेरिका कम सैनिकों के साथ अधिक प्रभावी सैन्य क्षमता विकसित करना चाहता है। अब छोटे-छोटे सैन्य ठिकानों की जगह कतर, बहरीन और कुवैत जैसे बड़े और सुरक्षित बेस का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा। 

एयरक्राफ्ट कैरियर, ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलें और आधुनिक निगरानी तकनीक अमेरिका की नई सैन्य नीति का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। किसी भी संकट की स्थिति में स्थायी सेना रखने के बजाय तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है। 

यह भी पढ़ें-  Explainer: मोसाद का एजेंट निकला ईरान का राष्ट्रपति! तख्तापलट की थी साजिश, कैसे फेल हुआ इजरायल का मास्टरप्लान?

चीन के प्रभाव को रोकना लक्ष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान और अब इराक से सैनिकों की वापसी अमेरिका की बदलती वैश्विक प्राथमिकताओं का संकेत है। अब वाशिंगटन का सबसे बड़ा ध्यान चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्य ताकत का मुकाबला करने पर है।

Trump us to withdraw all troops from iraq by september 2026

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Published On: Jul 15, 2026 | 09:16 PM

Topics:  

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