अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-AI डिज़ाइन)
Trump Venezuela oil deal India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा करते हुए घोषणा की है कि अमेरिका जल्द ही वेनेजुएला के 5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की बिक्री शुरू करेगा। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वे भारत की विशाल ऊर्जा जरूरतों को समझते हुए उसे वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति देने पर विचार कर रहे हैं।
इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को बहाल करना और अमेरिकी तेल कंपनियों के माध्यम से भारी लाभ कमाना है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि तेल उत्पादन और रिफाइनिंग की इस प्रक्रिया में कौन सी कंपनियां शामिल होंगी, इसका फैसला पूरी तरह से अमेरिका करेगा।
ट्रंप ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में खुलासा किया कि अमेरिका वेनेजुएला के इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने के लिए 100 बिलियन डॉलर खर्च कर रहा है। वेनेजुएला इस बात पर सहमत हो गया है कि अमेरिका तुरंत 50 मिलियन बैरल कच्चे तेल की रिफाइनिंग और बिक्री शुरू कर सकता है। इस साझेदारी से न केवल वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी, बल्कि अमेरिकी लोगों के लिए भी बहुत बड़ी संपत्ति पैदा होगी।
#WATCH वेनेजुएला में तेल प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमारी बड़ी तेल कंपनियाँ कम से कम 100 बिलियन डॉलर खर्च कर रही हैं… ज़रूरी क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाने के लिए…… pic.twitter.com/NKCdyt2NLG — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 9, 2026
जब अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी से भारत की तेल खरीद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सकारात्मक संकेत देते हुए ‘हां’ में जवाब दिया। अधिकारी ने बताया कि भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देने के बारीक पहलुओं पर फिलहाल गंभीरता से काम किया जा रहा है। अगर यह मंजूरी मिलती है, तो भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए एक सस्ता और वैकल्पिक स्रोत मिल सकेगा जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए वरदान होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वेनेजुएला में काम करने वाली कंपनियों का चयन पूरी तरह से उनके प्रशासन के विवेक पर निर्भर करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बढ़े हुए उत्पादन से अमेरिका तेल के मामले में वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ और भी ज्यादा मजबूत कर लेगा। ट्रंप का मानना है कि अगर अमेरिका ने यह कदम नहीं उठाया होता, तो रूस या चीन जैसे देश वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा कर लेते।
#WATCH वेनेजुएला में तेल प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम तय करेंगे कि कौन सी कंपनियाँ वेनेजुएला जाएँगी… वेनेजुएला बहुत सफल होने वाला है और यूनाइटेड स्टेट्स के लोगों को बहुत फायदा होगा… pic.twitter.com/nSyi6Uktoc — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 9, 2026
तेल कूटनीति के बीच ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का दावा करते हुए खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की स्थिति को टालकर करोड़ों लोगों की जान बचाई है, जिसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलनी चाहिए। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से इस शांति पहल के लिए उनकी प्रशंसा की थी।
#WATCH अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “…मैंने 8 युद्ध सुलझाए… उनमें से कुछ, जो बस शुरू होने ही वाले थे जैसे भारत और पाकिस्तान, जहाँ पहले ही 8 जेट गिराए जा चुके थे… मैंने इसे बिना परमाणु हथियारों के बहुत जल्दी करवा दिया। मुझे इतिहास में मेरे अलावा कोई ऐसा नहीं लगता… pic.twitter.com/OL23pU904V — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 9, 2026
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ट्रंप प्रशासन का यह फैसला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और बाजार में तेल की कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है। वेनेजुएला के तेल को बाजार में उतारने से आपूर्ति बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं और मित्र देशों को सस्ता तेल मिलने के रूप में होगा। अमेरिकी कंपनियां इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य भागीदार होंगी, जिससे तेल कूटनीति में अमेरिका का दबदबा और भी बढ़ जाएगा।