ट्रंप ने PAK को दिखाया ठेंगा! ठुकराया इस्लामाबाद का 45 दिन वाला शांति प्रस्ताव, अब ईरान में मचेगी भारी तबाही?
Trump Rejects Pakistan Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की द्वारा प्रस्तावित 45 दिवसीय शांति समझौते को खारिज कर दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Rejects Pakistan Ceasefire Plan Iran War: मध्य पूर्व में पिछले 38 दिनों से जारी भीषण युद्ध (Iran-US War) को रुकवाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। खुद को इस जंग में एक बड़ा मध्यस्थ साबित करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करारा जवाब दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की द्वारा संयुक्त रूप से पेश किए गए 45 दिनों के अस्थाई युद्धविराम प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया है।
क्या था पाकिस्तान का ‘टू-स्टेप’ शांति प्रस्ताव?
यह प्रस्तावित समझौता एक दो-चरणीय योजना थी, जिसे जंग रोकने की आखिरी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा था। इस योजना के पहले चरण में 45 दिनों के लिए युद्ध रोकने का सुझाव दिया गया था ताकि इस समय का उपयोग स्थायी शांति समझौते की शर्तों पर बातचीत के लिए किया जा सके। प्रस्ताव में यह भी शर्त रखी गई थी कि यदि 45 दिनों के भीतर बातचीत में सकारात्मक प्रगति दिखती है तो इस युद्धविराम की अवधि को और आगे बढ़ाया जा सकता है। इस योजना का एक मुख्य बिंदु रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोलना था।
पाकिस्तान को लगा ‘डबल झटका’
पाकिस्तान के लिए यह कूटनीतिक स्थिति बेहद शर्मनाक साबित हुई है। एक ओर जहां राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकराकर ‘अंगूठा’ दिखा दिया, वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी पाकिस्तान के माध्यम से आए इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर दिया है। इस तरह पाकिस्तान को अपने दोनों ‘दोस्त’ मुल्कों से करारा झटका लगा है। वाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव महज कई विचारों में से एक था और फिलहाल अमेरिकी सैन्य अभियान ईरान में अपनी पूरी गति और आक्रामकता के साथ जारी है।
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मंगलवार की डेडलाइन
इस शांति प्रस्ताव के खारिज होने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार की उस समय-सीमा पर टिकी हैं जो ट्रंप ने निर्धारित की है। ट्रंप ने सीधी चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए नहीं खोला गया तो ईरान में वह विनाश होगा जो आज तक इतिहास में नहीं देखा गया।
उन्होंने मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ के रूप में मनाने की बात कही है, जो इस बात का सीधा संकेत है कि अमेरिकी वायुसेना ईरान के बिजली घरों, महत्वपूर्ण पुलों और बुनियादी ढांचों को बमबारी कर जमींदोज कर देगी।
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मध्यस्थों की आखिरी उम्मीद
भले ही पिछले हफ्ते अप्रत्यक्ष बातचीत रुक गई थी लेकिन पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों को अब भी उम्मीद है कि मंगलवार रात 8 बजे (ET) की समय-सीमा खत्म होने से पहले कोई सहमति बन सकती है। यह नया प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया था। फिलहाल, वाइट हाउस में आज दोपहर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सबकी निगाहें हैं जहां ट्रंप इस युद्ध की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
