गाजा में भुखमरी को लेकर नेतन्याहू और ट्रंप आमने-सामने, कहा- सच छिप नहीं सकता
Trump on Gaza: डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां के हालात बेहद दयनीय हैं। उन्होंने कहा, "क्या आपने वहां के बच्चों की हालत देखी है? यह सच्ची भुखमरी है, इसे नकारा..
- Written By: अमन उपाध्याय
गाजा में भुखमरी पर नेतन्याहू के दावे को ट्रंप ने नकारा, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Gaza News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान को सार्वजनिक तौर पर गलत ठहराया है, जिसमें उन्होंने गाजा पट्टी में भुखमरी की स्थिति से इनकार किया था। नेतन्याहू ने हाल में कहा था कि गाजा में भुखमरी जैसी कोई समस्या नहीं है, लेकिन ट्रंप ने इस दावे को गलत और अस्वीकार्य बताते हुए खारिज कर दिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए गाजा में बिगड़ते हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “गाजा की वर्तमान स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। वहां के बच्चों की दयनीय स्थिति देखी है? वहां वास्तव में भुखमरी फैली हुई है। इस तथ्य को कोई झुठला नहीं सकता।”
ट्रंप ने गाजा को लेकर की घोषणा
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका गाजा के निवासियों के लिए खाद्य सहायता भेजेगा और मानवीय सहायता के वितरण में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा, “हमारे पास पर्याप्त खाद्य संसाधन उपलब्ध हैं जिन्हें हम गाजा पहुंचाएंगे। हमें वहां मौजूद सभी अवरोधों को हटाना होगा, चाहे वे हमास द्वारा लगाए गए हों या किसी अन्य पक्ष द्वारा… इन बाधाओं को समाप्त करना आवश्यक है।”
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गाजा में भुखमरी जैसी कोई स्थिति नहीं
उन्होंने आगे बताया कि वहां खाद्य सामग्री का भंडार तो मौजूद है, लेकिन नागरिक इसलिए तड़प रहे हैं क्योंकि उन तक यह सहायता पहुंच नहीं पा रही है। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयान के एकदम उलट है। रविवार को यरूशलम में आयोजित एक सम्मेलन में नेतन्याहू ने दावा किया था कि गाजा में भुखमरी जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इज़रायल का युद्ध उद्देश्य बंधकों को मुक्त कराने और हमास की सैन्य व प्रशासनिक शक्तियों को पूरी तरह खत्म करना है।
अलग-अलग दावे
इंटरनेशनल रिपोर्ट्स और वास्तविक स्थिति नेतन्याहू के दावों के विपरीत एक अलग हकीकत दिखा रही है। अल जज़ीरा ने गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार बताया कि पिछले एक दिन में भुखमरी और कुपोषण के कारण कम से कम 14 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल थे। अक्टूबर 2023 में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से अब तक भूख से 147 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 88 बच्चे भी हैं।
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इज़रायल ने गाजा पर सख्त पाबंदियां लगाईं
ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजा में हाल के हफ्तों में सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं। इसकी वजह इज़रायल द्वारा मानवीय सहायता पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध हैं। मार्च में इज़रायल ने गाजा की पूरी तरह नाकाबंदी कर दी थी, हालांकि मई में इसमें थोड़ी छूट दी गई, लेकिन उसके बाद भी बहुत ही सीमित मात्रा में राहत सामग्री ही अंदर पहुंच पाई है।
इजरायल-हमास युद्ध में कितना नुकसान?
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इज़रायल पर बड़ा हमला किया था, जिसमें 1,139 इज़रायली नागरिकों की जान गई और 200 से अधिक को बंधक बना लिया गया। इसके बाद शुरू हुए सैन्य संघर्ष में अब तक करीब 60,000 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
