-
शुक्र, 24 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- World »
- Trump Name Omitted First Nobel Prizes Three Recipients Announced
नोबेल पुरस्कारों का पहली किस्त…नहीं आया ट्रंप का नाम, इन तीन लोगों को मिलेगा सम्मान
- Written By: अक्षय साहू
Nobel Prize 2025 Hindi News: नोबेल पुरस्कार 2025 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन में अमेरिका की मैरी ई. ब्रंकॉ, फ्रेड राम्सडेल और जापान के शिमोन सकागुची को पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस की खोज के लिए दिया गया।

मेडिसिन के लिए नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित (सोर्स- सोशल मीडिया)
Nobel Prize 2025: नोबेल पुरस्कार देने वाली कमेटी ने साल 2025 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम का ऐलान कर दिया है। इसमें एक नाम अमेरिका से भी है, लेकिन वो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नहीं है। फिजियोलॉजी या मेडिसिन के क्षेत्र में अमेरिका की मैरी ई. ब्रंकॉ, फ्रेड राम्सडेल और जापान के शिमोन सकागुची को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। स्टॉकहोम स्थित कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट ने सोमवार को इस पुरस्कार की घोषणा की।
इन वैज्ञानिकों को यह सम्मान पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस यानी शरीर के बाहरी हिस्सों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की सहनशीलता से जुड़ी उनकी महत्वपूर्ण खोजों के लिए दिया गया है। यह खोज इम्यून सिस्टम को समझने और नियंत्रित करने में क्रांतिकारी मानी जा रही है। हालांकि अभी और नामों की घोषणा होना बाकि है।
किस खोज के लिए मिला सम्मान
हमारा इम्यून सिस्टम आमतौर पर शरीर को वायरस और बैक्टीरिया जैसे बाहरी खतरों से बचाता है, लेकिन कभी-कभी यह गलती से अपने ही अंगों पर हमला कर देता है इस स्थिति को ऑटोइम्यून बीमारी कहा जाता है, जैसे रूमेटॉइड आर्थराइटिस, टाइप-1 डायबिटीज और ल्यूपस।
सम्बंधित ख़बरें
अमेरिका के हमले से दहला ईरान, ट्रंप बोले- अब जब्त संपत्ति से भरेंगे जहाजों का हर्जाना
पाकिस्तान ने CJP Protest को बताया भारत का आंतरिक मामला, टिप्पणी करने से किया इनकार
लगातार 13वीं रात अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए हमले, होर्मुज विवाद से तेल की कीमतों में भारी उछाल
Google पर 1 अरब डॉलर का भारी जुर्माना, EU के फैसले से टेक इंडस्ट्री में मची खलबली; जानिए क्या है पूरा विवाद
BREAKING NEWS
The 2025 #NobelPrize in Physiology or Medicine has been awarded to Mary E. Brunkow, Fred Ramsdell and Shimon Sakaguchi “for their discoveries concerning peripheral immune tolerance.” pic.twitter.com/nhjxJSoZEr — The Nobel Prize (@NobelPrize) October 6, 2025
पहले माना जाता था कि इम्यून सेल्स शरीर के भीतर ही क्षमाशील बन जाती हैं इसे सेंट्रल इम्यून टॉलरेंस कहा जाता था। लेकिन नोबेल विजेताओं ने यह साबित किया कि शरीर के बाहरी हिस्सों में भी एक नियंत्रक तंत्र सक्रिय होता है, जिसे पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस कहा जाता है।
1990 के दशक में शुरू हुई इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने ‘रेगुलेटरी टी सेल्स’ (Tregs) नामक विशेष कोशिकाओं की भूमिका खोजी, जो इम्यून सिस्टम को संतुलित रखने में मदद करती हैं। जब ये कोशिकाएं ठीक से काम नहीं करतीं, तो शरीर अपने ही अंगों पर हमला करने लगता है। यह खोज न सिर्फ ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में मददगार साबित होगी, बल्कि कैंसर, एलर्जी और अंग प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) जैसे क्षेत्रों में भी नए इलाज के रास्ते खोल सकती है।
क्या ट्रंप को मिलेगा नोबेल?
फरवरी 2025 में दूसरी बार राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने सात लंबे युद्ध खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई है, जिनमें भारत-पाकिस्तान, कंबोडिया-थाईलैंड, अर्मेनियाई-अज़रबैजानी, इजरायल-ईरान जैसे संघर्ष शामिल हैं। हालांकि, उनके इन दावों में कई कमियां हैं। भारत-पाकिस्तान संघर्ष में भारत ट्रंप की भूमिका को अस्वीकार करता है, जबकि पाकिस्तान उन्हें श्रेय देता है।
यह भी पढ़ें: ताश की तरह ढह रहा मैक्रों का साम्राज्य, PM ने एक ही महीने में छोड़ा पद, संकट में फ्रांस
कंबोडिया-थाईलैंड के बीच मध्यस्थता मलेशिया ने की थी, न कि अमेरिका। इजरायल और ईरान के बीच शांति के उनके दावे भी विवादास्पद हैं, क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की थी। ईरान युद्ध रुकवाने के लिए कतर और मिस्र को श्रेय देता है, जिन्होंने शांति वार्ता की मध्यस्थता की। ऐसे में उन्हें नोबेल मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
Trump name omitted first nobel prizes three recipients announced
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अमेरिका के हमले से दहला ईरान, ट्रंप बोले- अब जब्त संपत्ति से भरेंगे जहाजों का हर्जाना
Jul 24, 2026 | 10:20 AMPM मोदी जिम्मेदार नहीं! प्रधानमंत्री के सपोर्ट में सामने आए NEET टॉपर्स, पेपर लीक को लेकर कही बड़ी बात
Jul 24, 2026 | 10:19 AMनवभारत संपादकीय: हिमालय में कितना सुरक्षित है सुरंग बनाना? जानिए क्यों मंडरा रहा मजदूरों की जिंदगी पर खतरा
Jul 24, 2026 | 10:16 AMपालघर में मूसलाधार बारिश का तांडव: 891 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट; कालू नदी के उफान से 10 गांव कटे
Jul 24, 2026 | 10:15 AMGold-Silver Rate Today: सोने के भाव में 3497 रुपये की भारी गिरावट, चांदी भी 8641 रुपये लुढ़की, जानें ताजा भाव
Jul 24, 2026 | 10:14 AMIndian Space Food: धरती ही नहीं, अंतरिक्ष में भी ले जा सकते हैं ये 3 भारतीय फूड आइटम, जानिए क्यों हैं खास
Jul 24, 2026 | 10:12 AM‘घर चलाना है तो डायरेक्टर्स के साथ…’ ईवा ग्रोवर का कास्टिंग काउच पर खुलासा, हैदर अली खान पर लगाए आरोप
Jul 24, 2026 | 10:10 AMवीडियो गैलरी

1975 की तरह बर्बाद न करें करियर…BJP की छात्रों को नसीहत, बोली- जंतर-मंतर छोड़ पढ़ाई पर ध्यान दो; देखें VIDEO
Jul 23, 2026 | 10:48 PM
छोड़ना है तो अभी छोड़ो…मुंबई की सड़कों पर पुलिस से अकेले भिड़ गई ये एक्ट्रेस, Video वायरल
Jul 23, 2026 | 10:16 PM
भगत सिंह की राह पर युवा! पेपर लीक पर भड़का छात्र, कलेक्ट्रेट में फोड़ा बम, VIDEO वायरल
Jul 23, 2026 | 09:52 PM
29 साल पहले पेपर लीक के खिलाफ थे धर्मेंद्र प्रधान फिर आज उन्हीं पर सवाल क्यों? VIDEO
Jul 23, 2026 | 07:51 PM
200% तक टैरिफ, डोनाल्ड ट्रंप का सख्त ऐलान, क्या अमेरिका में महंगी होंगी भारतीय दवाएं- VIDEO
Jul 23, 2026 | 02:40 PM
फास्ट-ट्रैक कोर्ट समस्या का हल नहीं! PM मोदी के पोस्ट पर भड़के आशुतोष रांका! धरने से हटने की एक ही शर्त
Jul 23, 2026 | 02:03 PM













