ट्रंप का मैक्रों पर वार! टैरिफ की धमकी देते ही झुके राष्ट्रपति, बोले- ‘प्लीज जनता को मत बताइए’
Trump Macron News: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि टैरिफ की धमकी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दवाओं की कीमतें बढ़ाने पर सहमति जताई, लेकिन इसे गुप्त रखने की विनती की।
- Written By: अमन उपाध्याय
ट्रंप का मैक्रों पर वार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US France Trade News In Hindi: वाशिंगटन में रिपब्लिकन सांसदों को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों का जमकर मजाक उड़ाया। ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने फ्रांस को अमेरिका में आयात होने वाली सभी फ्रांसीसी दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। ट्रंप का तर्क है कि संयुक्त राज्य अमेरिका दशकों से वैश्विक स्वास्थ्य सेवा को सब्सिडी दे रहा है जिसका फायदा दूसरे देश उठा रहे हैं।
इस समझौते को सार्वजनिक न करें
ट्रंप के मुताबिक, बातचीत के दौरान मैक्रों ने उनसे आग्रह किया कि इस समझौते को सार्वजनिक न किया जाए। ट्रंप ने दावा किया कि मैक्रों ने कहा कि डोनाल्ड, आपकी शर्तें मान ली गई हैं। मैं अपनी प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें 200 प्रतिशत तक बढ़ाने को तैयार हूं, लेकिन कृपया इसे जनता से छिपाकर रखें। ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि ऐसी प्रतिक्रिया केवल फ्रांस तक सीमित नहीं रही बल्कि लगभग हर देश ने इसी तरह का रुख अपनाया।
टैरिफ की ताकत
इस दबाव की रणनीति के पीछे ट्रंप ने ‘टैरिफ’ को सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने मैक्रों से कहा था कि यदि अमेरिका की मांगें नहीं मानी गईं तो फ्रांस से आने वाली शैंपेन और वाइन सहित सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में अमेरिकी उपभोक्ता फ्रांसीसी उपभोक्ताओं की तुलना में दवाओं के लिए 14 गुना अधिक भुगतान कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
I Love Modi…ट्रंप ने दिल्ली में मार्को रुबियो को किया वीडियो कॉल, खुद को बताया PM मोदी का बड़ा फैन
ईरान ने मानी Trump की बात? दुनिया से छिपी इस डील में क्या-क्या? VIDEO
फायरिंग के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप- ‘हमलावर का पुराना हिंसक रिकॉर्ड था, जान बचाने के लिए सीक्रेट सर्विस का आभार
Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के सीजफायर पर बनी सहमति, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा
3.2 मिनट में मान जाते हैं विदेशी नेता
अपनी ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ नीति की तारीफ करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ की धमकी देने के बाद औसतन 3.2 मिनट के भीतर विदेशी नेता दवाओं की कीमतें बढ़ाने पर सहमत हो जाते हैं। उनके अनुसार, इस नीति के चलते कुछ दवाओं की कीमतें 10 डॉलर प्रति गोली से बढ़कर 30 डॉलर तक पहुंचीं, जिससे अमेरिका में कीमतें घटाने में मदद मिली।
यह भी पढ़ें:- मादुरो के बदले यूक्रेन? ट्रंप-पुतिन की ‘सीक्रेट डील’ का खुलासा, क्या इसी सौदे के तहत हुई गिरफ्तारी?
फ्रांस की चुप्पी और भविष्य की रणनीति
ट्रंप के इन सनसनीखेज दावों के बाद फिलहाल राष्ट्रपति मैक्रों या फ्रांसीसी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन न केवल व्यापारिक मोर्चे पर बल्कि वेनेजुएला जैसे देशों में सैन्य और राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए भी अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रहा है।
