मादुरो के बदले यूक्रेन? ट्रंप-पुतिन की 'सीक्रेट डील' का खुलासा, क्या इसी सौदे के तहत हुई गिरफ्तारी?

Russia US Secret Deal 2019: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद 7 साल पुरानी एक गुप्त डील फिर चर्चा में है। क्या रूस ने यूक्रेन में खुली छूट के बदले अपने सबसे भरोसेमंद साथी मादुरो का साथ छोड़ दिया है?
Maduro in exchange for Ukraine? A 'secret deal' between Trump and Putin is revealed; was the arrest made as part of this deal?
ट्रंप-पुतिन की 'सीक्रेट डील', (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

US Russia Secret Deal News In Hindi:  3 जनवरी 2026 की सुबह अमेरिकी सेना ने एक बिजली जैसी तेज सैन्य कार्रवाई करते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके देश से उठा लिया और न्यूयॉर्क पहुंचा दिया। दुनिया भर के कई देशों ने इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की लेकिन हैरानी की बात यह रही कि रूस ने केवल औपचारिक बयान देकर चुप्पी साध ली।

जिस रूस ने मादुरो को सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की थी वह न तो इस ऑपरेशन को रोक सका और न ही इसके खिलाफ कोई बड़ी जवाबी कार्रवाई की।

2019 की वो 'सीक्रेट डील' क्या थी?

ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के तार साल 2019 में हुई एक गुप्त चर्चा से जुड़े हो सकते हैं। उस समय डोनाल्ड ट्रंप की रूस मामलों की सलाहकार रहीं फियोना हिल ने खुलासा किया था कि रूस ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के तहत, रूस वेनेजुएला से अपने रिश्ते कम करने या उसे छोड़ने के लिए तैयार था लेकिन इसके बदले में वह चाहता था कि अमेरिका उसे यूक्रेन को अपने तरीके से संभालने की पूरी आजादी दे दे।

'डोनरो डॉक्ट्रिन' और अमेरिका का नया रुख

इस पूरे घटनाक्रम को विशेषज्ञ अमेरिका की पुरानी 'मोनरो डॉक्ट्रिन' के नए स्वरूप के रूप में देख रहे हैं जिसे आलोचकों ने 'डोनरो डॉक्ट्रिन' का नाम दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब अपने प्रभाव क्षेत्र (पश्चिमी गोलार्ध) में रूस और चीन की किसी भी प्रकार की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेगा।

रूसी विचारकों की प्रतिक्रिया भले ही रूस ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है लेकिन उसके शीर्ष नेताओं के बयानों में एक अलग ही संकेत मिल रहा है।

यह भी पढ़ें:-

अंतरराष्ट्रीय कानून का अस्तित्व खत्म

पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि ट्रंप का यह कदम भले ही गलत हो लेकिन इसे अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के नजरिए से समझा जा सकता है। वहीं, प्रसिद्ध रूसी विचारक अलेक्जेंडर दुगिन ने टिप्पणी की कि अब दुनिया में अंतरराष्ट्रीय कानून का अस्तित्व खत्म हो चुका है और केवल 'ताकत का कानून' ही प्रभावी है। वर्तमान में मादुरो अमेरिकी हिरासत में हैं और उन्होंने अमेरिकी अदालत में इस कार्रवाई को चुनौती देने की बात कही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com