‘ट्रंप ब्लफ नहीं करते’… ईरान पर हमले के बाद व्हाइट हाउस ने दी कड़ी चेतावनी
Operation Epic Fury: व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनियां हवा-हवाई नहीं होतीं। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिका ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।
- Written By: प्रिया सिंह
व्हाइट हाउस (सोर्स-सोशल मीडिया)
White House Statement On Iran: दुनिया भर में मचे घमासान के बीच व्हाइट हाउस ने एक बहुत ही सख्त संदेश जारी किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जो हालिया हमला किया है, उसे लेकर प्रशासन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी गुस्से का परिणाम नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इस कदम से अमेरिका ने साबित कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
ट्रंप की चेतावनी का असली मतलब
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी करोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हवा-हवाई बातें नहीं करते हैं। उनके अनुसार, ईरान पर हुआ हमला इस बात का जीता-जागता सबूत है कि उनकी चेतावनियां महज दिखावा नहीं होतीं। जब राष्ट्रपति कोई ‘रेड लाइन’ खींचते हैं, तो उसे पूरी गंभीरता के साथ लागू करने का साहस भी रखते हैं
आतंकवादी समूहों की बड़ी भूल
लेविट ने बताया कि क्षेत्र के उग्रवादी समूहों को लगा था कि ट्रंप भी पुराने राष्ट्रपतियों की तरह सिर्फ बातें करेंगे। लेकिन अमेरिकी सेना की इस बड़ी कार्रवाई ने उन सभी भ्रमों को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है। यह हमला ईरान को यह बताने के लिए काफी है कि अमेरिका अब चुप बैठने वाला नहीं है।
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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लक्ष्य
इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का नाम दिया गया है जिसे प्रशासन एक बड़ी सफलता मान रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह से नष्ट करना और नौसैनिक शक्ति को खत्म करना है। साथ ही अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
जमीनी सेना पर व्हाइट हाउस का रुख
फिलहाल व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों को भेजने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, स्थिति को देखते हुए भविष्य के लिए सभी सैन्य विकल्पों को खुला रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर एक्शन लिया जा सके। अमेरिका का मुख्य ध्यान अभी ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण पाने पर केंद्रित है।
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शहीद सैनिकों को अंतिम विदाई
हाल ही में कुवैत के शुआइबा पोर्ट पर हुए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी। राष्ट्रपति ट्रंप खुद इन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित विशेष समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। यह भावुक पल दर्शाता है कि देश अपने सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलता और उनका बहुत सम्मान करता है।
