ट्रंप पेरिस में होने वाली G7 की इमरजेंसी मीटिंग में शामिल नहीं होंगे (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Slams on Emmanuel Macron: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को एक बड़ा कूटनीतिक झटका दिया है। इस सप्ताह फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने पेरिस में यूरोपीय नेताओं के साथ G-7 की एक आपातकालीन बैठक बुलाने की घोषणा की थी। इस बैठक का उद्देश्य ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की कथित कोशिशों और अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ के कारण यूरोप और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा करना था।
हालांकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने मंगलवार को अपना दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के मौके पर मीडिया से बात करते हुए इसका खुलासा किया। ट्रंप ने कहा कि वह मैक्रों द्वारा बुलाई गई इस बैठक में भाग नहीं लेंगे। ट्रंप ने इसके पीछे कारण बताते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मैक्रों लंबे समय तक फ्रांस का नेतृत्व करेंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड से जुड़े प्रस्तावित टैरिफ और अन्य व्यापारिक नीतियों को लेकर यूरोपीय सहयोगियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी सप्ताह ट्रंप स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने वाले हैं, जहां इन मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होने की संभावना है।
इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ हुई निजी टेक्स्ट बातचीत को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दिया था, जिससे कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी। ट्रंप ने यह भी बताया कि वह बुधवार को दावोस में एक अहम भाषण देंगे, जिसमें वे अपने प्रशासन की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखेंगे।
ट्रंप ने कहा कि बीते एक साल में उनकी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने कम समय में इतने बड़े परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऊर्जा और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर अन्य देशों को अमेरिका के अनुभव से सीखने की जरूरत है।
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हालांकि ट्रंप और इमैनुएल मैक्रों के बीच विवाद केवल ग्रीनलैंड को लेकर ही नहीं है। हालही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा मे शांति स्थापित करने के लिए बोर्ड ऑफ पीस का गठन करने का ऐलान किया है। जिसमें उन्होंने फ्रांस को भी शामिल होने की अपील की थी। लेकिन फ्रांस ने इससे इनकार कर दिया। इससे डोनाल्ड ट्रंप इतना नाराज हो गए कि उन्होंने फ्रांस के कुछ उत्पादों पर 200 प्रतिशत की टैरिफ लगाने की चेतावनी दे दी।