वेनेजुएला में ड्रग तस्करों पर अमेरिकी जमीनी हमले की तैयारी… ट्रंप के फैसले पर उठ रहे सवाल
Venezuela Drug Smugglers: राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला में ड्रग तस्करों पर जल्द ही जमीनी हमले शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम समुद्र के रास्ते 85% तस्करी रोकने के बाद उठाया जा रहा है।
- Written By: प्रिया सिंह
(सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Venezuela Military Action: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में ड्रग तस्करों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। उन्होंने जमीन पर हमले शुरू करने की घोषणा की है, जिससे इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। ट्रंप के इस फैसले से जहां उनके इरादों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इसे उनके देश में सरकार बदलने की साजिश करार दिया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए की जा रही है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, अब जमीन पर होगा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस कैबिनेट मीटिंग में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जल्द ही वेनेजुएला में ड्रग तस्करों को निशाना बनाते हुए जमीनी हमले शुरू करेगी। ट्रंप ने मंगलवार को हुई बैठक में कहा, “हम जमीन पर ये हमले शुरू करने जा रहे हैं। जमीनी हमला बहुत आसान है और हम जानते हैं कि ड्रग तस्कर कौन से रास्ते अपनाते हैं।” यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने पहले ही समुद्री मार्गों से होने वाली ड्रग तस्करी पर बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है।
समुद्री तस्करी पर लगाम और हवाई सेना की सराहना
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने थैंक्स गिविंग स्पीच में अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए वेनेजुएला के ड्रग तस्करों को रोकने के लिए एयर फोर्स के 7वें बॉम्ब विंग के काम की सराहना की। यह सैन्य इकाई बम बरसाने वाले विमानों का संचालन करती है। ट्रंप ने गर्व से ऐलान किया, “समुद्र के रास्ते लगभग 85 फीसदी तस्करी रोक दी गई है और हम उन्हें जमीन के रास्ते रोकना शुरू करेंगे।” इसका मतलब है कि अमेरिकी प्रशासन अब तस्करी के बचे हुए मार्गों को पूरी तरह से बंद करने के लिए सैन्य रणनीति बदल रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
होर्मुज स्ट्रेट खोलना चाहता है ईरान…सीजफायर बढ़ाकर ट्रंप ने किया बड़ा दावा, बोले- गिड़गिड़ा रहा है तेहरान
तेल के कुएं होंगे बंद, खजाना होगा खाली! US वित्त मंत्री ने किया ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ का ऐलान, बताया आगे का प्लान
Iran ने रद्द की इस्लामाबाद की शांति वार्ता, सीजफायर उल्लंघन और ट्रंप की धमकियों से फिर बढ़ा तनाव
NASA Rover की तस्वीरों में मंगल पर दिखे कीड़े, लाल ग्रह पर जीवन को लेकर छिड़ी नई बहस
कैरिबियन सागर में भारी सैन्य तैनाती और परिणाम
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने 2 सितंबर से कैरिबियन और पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी से जुड़े जहाजों पर कम से कम 21 ज्ञात हमले किए हैं। इन हमलों में जहाज पर सवार कम से कम 83 लोग मारे गए। पिछले कुछ महीनों में, वॉशिंगटन ने यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड जैसे एक बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर समेत लगभग एक दर्जन वॉरशिप और करीब 15,000 सैनिकों को कैरिबियन सागर में तैनात किया है। इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी बीते तीन दशकों में नहीं देखी गई है, खासकर वेनेजुएला की कोस्टलाइन से सटे इलाकों में।
यह भी पढ़ें: ट्रंप लाएंगे बड़ा यात्रा बैन, 30 से अधिक देशों के नागरिकों की अमेरिका एंट्री पर लग सकती है रोक
हमलों की वैधता और राजनीतिक आरोप
अमेरिकी सांसदों और आलोचकों ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाए हैं। वे पूछ रहे हैं कि क्या काउंटर नारकोटिक्स ही अमेरिका का एकमात्र मकसद है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक उद्देश्य है। इसके अलावा, कैरिबियन सागर में अमेरिकी सैन्य हमलों की कानूनी वैधता पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। दूसरी ओर, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ड्रग्स के धंधे से किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर ट्रंप पर उनके देश में सरकार बदलने के मकसद से युद्ध की साजिश रचने का आरोप लगाया है, जिससे यह मामला केवल ड्रग्स तस्करी तक सीमित न रहकर एक भू-राजनीतिक संघर्ष की ओर इशारा कर रहा है।
