अब्बास अराघची और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Denies Ceasefire Request: अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के बीच एक बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि ईरान के ‘नए शासन के राष्ट्रपति’ ने अमेरिका से युद्धविराम की मांग की है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे आधारहीन बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके प्रशासन द्वारा युद्धविराम के अनुरोध पर तभी विचार किया जाएगा जब Strait of Hormuz पूरी तरह से खुला और सुरक्षित होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जब तक ऐसा नहीं होता अमेरिका ईरान को मिटा देने या उसे ‘पाषाण युग’ में वापस भेजने की कार्रवाई जारी रखेगा।
गौरतलब है कि हॉर्मुज दुनिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है जहां से वैश्विक तेल और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। युद्ध के कारण यह मार्ग वर्तमान में बंद है जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट और आर्थिक मंदी की चिंताएं बढ़ गई हैं।
तेहरान से मिली रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी ओर से किसी भी प्रकार के युद्धविराम का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल के हमले ईरान में भीषण तबाही मचा रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी-इजरायली हमलों में अब तक ईरान के सैकड़ों स्कूलों, अस्पतालों और हजारों रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में 2,000 पाउंड (900 किलोग्राम) के बमों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पूरे शहर के ब्लॉक को तबाह कर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई ‘सटीक ऑपरेशन’ नहीं है बल्कि इससे नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
इस तनाव के बीच, व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति ट्रंप 1 अप्रैल, 2026 को राष्ट्र को संबोधित करेंगे और ईरान पर एक ‘महत्वपूर्ण अपडेट’ देंगे। हालांकि, कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि ट्रंप इस संबोधन में युद्ध को तत्काल समाप्त करने की घोषणा नहीं करेंगे।
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इसके बजाय, वे युद्ध को कुछ और हफ्तों तक जारी रखने की बात कह सकते हैं जिसे वे ‘अल्पकालिक दर्द’ बता रहे हैं ताकि भविष्य में तेल की कीमतें कम हो सकें। ट्रंप ने पहले कहा था कि युद्ध समाप्त होते ही वैश्विक तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।