अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Donald Trump on US Attack Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों का बचाव करते हुए कहा कि यह कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका था। उनके मुताबिक, यदि समय रहते कदम न उठाया जाता तो पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
ट्रंप ने दावा किया कि खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिल रहे थे कि तेहरान पहले हमला करने की तैयारी कर रहा था। उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं होने देना चाहते थे और जरूरत पड़ने पर इजरायल को कार्रवाई के लिए मजबूर भी कर सकते थे। ट्रंप ने ईरानी शासन को “खतरनाक” बताते हुए आरोप लगाया कि यदि उसके पास परमाणु हथियार होते तो वह उनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटता।
यह पूछे जाने पर कि क्या बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका को इस संघर्ष में खींचा, ट्रंप ने कहा कि संभव है उन्होंने ही इजरायल को कदम उठाने के लिए प्रेरित किया हो। उनके अनुसार, दोनों देश कार्रवाई के लिए तैयार थे और हमलों में ईरान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
#WATCH | On Iran, US President Donald J Trump says, “We were having negotiations with these lunatics, and it was my opinion that they were going to attack first…If we didn’t do it, they were going to attack first. I felt strongly about that…We’ve had a very powerful impact… pic.twitter.com/NlrUO6qcKl — ANI (@ANI) March 3, 2026
डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ईरान नीति की आलोचना करते हुए कहा कि उस समझौते ने तेहरान को मध्य-पूर्व में ताकतवर बना दिया था। उनका दावा था कि यदि उन्होंने वह समझौता समाप्त नहीं किया होता, तो ईरान तीन साल पहले ही परमाणु हथियार हासिल कर चुका होता।
यूरोप के देशों पर बोलते हुए ट्रंप ने जर्मनी की सराहना की और उसके सहयोग को शानदार बताया, जबकि स्पेन और ब्रिटेन के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेन ने अमेरिकी सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी और चेतावनी दी कि अमेरिका स्पेन के साथ व्यापारिक संबंध खत्म कर सकता है।
#WATCH | US President Donald J Trump says, “We’re going to cut off all trade with Spain. We don’t want anything to do with Spain…” “Some of the European nations have been helpful and some haven’t…Germany has been great…The head of NATO, Mark Rutte, is fantastic…But some… pic.twitter.com/e78zALtIJm — ANI (@ANI) March 3, 2026
इस बीच, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इससे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है तथा आम नागरिकों और विदेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
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जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ओवल ऑफिस में हुई बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि दोनों नेता ईरान के मुद्दे पर एकमत हैं और बड़े व्यापारिक समझौतों पर भी चर्चा हुई। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है।