
ट्रंप का चीनी छात्रों पर 'स्ट्राइक', (डिजाइन फोटो)
वांंशिगटन: अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने चीन के छात्रों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि अब चीनी छात्रों के वीजा आक्रामक तरीके से रद्द किए जाएंगे। इस निर्णय से शिक्षा जगत में हलचल मच गई है, क्योंकि यह अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हज़ारों विदेशी छात्रों पर सीधा असर डाल सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को बताया कि सरकार चीनी छात्रों के वीजा को सख्ती से रद्द करेगी। यह विशेष रूप से उन छात्रों पर लागू होगा जिनका संबंध चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से है या जो अमेरिका के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
रुबियो ने कहा कि इस कदम के लिए विदेश मंत्रालय होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के साथ सहयोग करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे चलकर चीन और हांगकांग से आने वाले वीजा आवेदन को कड़ी जांच के तहत रखा जाएगा और वीजा नियमों में बदलाव किए जाएंगे।
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बता दें कि पिछले पंद्रह वर्षों तक चीन विदेशी छात्रों का अमेरिका में अध्ययन करने का एक प्रमुख जगह रहा है। अमेरिका और चीन के बीच शैक्षिक सहयोग ने दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों को फायदा पहुंचाया है। हालांकि, हाल के वर्षों में अमेरिका ने चीन को एक तकनीकी प्रतिद्वंद्वी और संभावित खतरे के रूप में देखने लगा है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट डिपार्टमेंट ने दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों को नए स्टूडेंट वीजा अपॉइंटमेंट्स फिलहाल रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे सोशल मीडिया स्क्रीनिंग को और सख्त करने की योजना बताई जा रही है। पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को दाखिला देने की अनुमति भी रद्द कर दी थी,हालांकि, बाद में एक संघीय न्यायाधीश ने इस आदेश पर अमल करने पर रोक लगा दी। साथ ही, अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी ने भी संकेत दिया है कि प्रशासन अन्य विश्वविद्यालयों को भी इस नीति के तहत शामिल कर सकता है।






