जंग के मैदान में जवान। इमेज-एआई
China Taiwan Tensions: 2025 में दुनिया भर में कई संघर्षों की गवाह बनी। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच 4 दिनों का टकराव चला। कंबोडिया और थाईलैंड के बीच संघर्ष में 101 लोगों की जान गई। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा संघर्ष में दर्जनों लोगों की मौत हो गई। इजरायल और हमास के बीच जंग थमी नहीं है।
यूक्रेन में रूसी मिसाइलें कहर बरपा रहीं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के एक साथ हमले से दुनिया सन्न हो चुकी है। अब दोबारा हमले की तैयारी है। नए साल में भी कई इलाकों में जंग का खतरा है। कई देशों के बीच तनातनी बरकरार है। इस साल दुनिया के कई क्षेत्रों में संघर्ष का नया दौर शुरू हो सकता है।
पेंटागन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन का इरादा 2027 तक ताइवान पर कब्जे का है। उससे पहले चीन ताइवान के चारों ओर सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास कर रहा है। इसमें पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की तीनों विंग हैं। जवानों को ताइवान की नाकेबंदी और बाहरी हस्तक्षेप से निपटने की ट्रेनिंग दी जा रही। कम्युनिस्ट पार्टी की सेना गोलाबारी का अभ्यास कर रही है। नौसेना पनडुब्बी रोधी और वायुसेना एयर स्ट्राइक में हाथ आजमा रही है। चीन दुनिया के सामने ताइवान पर कब्जे की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है।
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते तल्खी भरे हैं। डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाते जा रहे हैं। बुधवार को अमेरिका ने वेनेजुएला की 4 तेल कंपनियों से जुड़े तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लगाया। इससे पहले अमेरिकी नौसेना प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर में ड्रग्स तस्करी के आरोपों के बाद वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों को जब्त कर चुकी है। दर्जनों नावों पर एयर स्ट्राइक भी की जा चुकी है। अमेरिका अब वेनेजुएला की नाकेबंदी में जुटा हआ है। ट्रंप किसी तरह निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना चाहते हैं। उन्होंने जमीनी कार्रवाई की धमकी है।
साल 2025 में इजरायल और ईरान के बीच 13 जून से 24 जून तक जंग चली। इजरायल ने ईरान के कई सैन्य अधिकारियों और टॉप वैज्ञानिकों को मारा। कई परमाणु ठिकानों पर सटीक हमलों को अंजाम दिया। ईरान ने 550 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल और 1000 से अधिक ड्रोन हमलों से इजरायल को जवाब दिया। अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर परमाणु प्लांट पर हमला किया। अब खबरें आ रहीं कि इजरायल दोबारा ईरान पर हमले की तैयारी में है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका यात्रा के दौरान पूरा प्लान ट्रंप के साथ साझा किया। ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करता है तो अमेरिका सैन्य हमला कर सकता है।
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मध्य पूर्व का देश यमन एक दशक से गृहयुद्ध की चपेट में है। आशंका जताई जा रही है कि यह इलाका इस साल क्षेत्रीय शक्तियों के वर्चस्व स्थली बन सकता है। यमन के ठीक सामने सोमालीलैंड को इजरायल ने मान्यता दी है। अब हूती विद्रोहियों ने यमन से इजरायल पर हमला किया तो इजरायल भी पड़ोस से जवाब देने की भूमिका में आ गया है। इसके अतिरिक्त यमन के मामले पर ही सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात आमने-सामने हैं। हूती विद्रोहियों का समर्थक ईरान भी अपना वर्चस्व बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेगा। ऐसे में यमन के रणभूमि बनने के खतरे अधिक हैं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर बेचैनी वाली शांति है। एक हरकत से हालात बिगड़ सकते हैं। पिछले साल दोनों देशों के बीच तीन बार संघर्ष की स्थिति बनी। हालांकि मध्यस्थता से मामला हल किया गया, लेकिन आग धधक रही है। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान टीटीपी को शरण देने का आरोप लगाता है। हालांकि, इन आरोपों को तालिबान खारिज करता है। दूसरी तरफ टीटीपी लगातार पाकिस्तान सेना को अपना निशाना बना रही। ऐसे में टीटीपी की एक हरकत से दोनों देशों के बीच जंग छिड़ सकती है।
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनाव भरे हैं। आतंकवाद के मामले पर भारत का रुख सख्त है। पाकिस्तान कश्मीर में हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। 2025 के मई में चार दिन के संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनाव भरे हैं। हाल में अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस ने कहा कि कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के कारण इन दो देशों के बीच 2026 में जंग छिड़ सकती है।
पिछले साल थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 2 बार जंग छिड़ी चुकी है। दोनों देश एक-दूसरे की जमीन पर दावा ठोकते हैं। दशकों पुराना यह मामला अब फिर उभर आया है। दिसंबर में हुई झड़प में 101 लोगों की जान गई और 10 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। हालांकि, मलेशिया और अमेरिकी मध्यस्थता से दोनों के बीच सीजफायर हो गया है। थाईलैंड ने कंबोडिया पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाया है। दोनों देशों के बीच भड़की यह आग सिर्फ दबी है, बुझी नहीं।