इस्लामाबाद वार्ता के बाद ईरान का दावा- प्लेन पर था हमले का खतरा (सोशल मीडिया ) 
विदेश

Islamabad Talks: ईरान का दावा- प्लेन पर था हमले का खतरा, आखिरी वक्त में बदला गया उड़ान का रास्ता

Plane Attack Threat: अमेरिका और ईरान के बीच Islamabad में हुई वार्ता के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया है कि वापसी के वक्त विमान पर हमले का गंभीर खतरा था, इसलिए अंतिम समय में रूट बदला गया।

प्रिया सिंह

US Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में हाल ही में महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी। इस अहम बैठक के बाद जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट रहा था तब उन्हें सुरक्षा का बड़ा खतरा लगा। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके विमान को निशाना बनाने की एक भयानक साजिश रची गई थी। इस गंभीर खतरे को देखते हुए अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बाद ईरान ने अपनी उड़ान का रास्ता आखिरी समय में बदल दिया था।

हमले की चेतावनी

ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ गए प्रोफेसर मोहम्मद मरांदी ने इस घटना के बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने लेबनानी मीडिया को बताया कि उनके विमान पर भयानक हमले की चेतावनी दी गई थी। इसी वजह से बातचीत खत्म होने के बाद तेहरान लौटते समय उन्होंने तय रास्ते की जगह दूसरा रास्ता चुना।

सुरक्षा को लेकर चिंता

इस यात्रा के दौरान ईरान के अधिकारियों को अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा चिंता का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि Islamabad जाते और वहां से वापस आते वक्त हालात बिल्कुल भी सामान्य नहीं थे। सोमवार को वापसी के समय खतरे को देखते हुए उन्हें अपनी पूरी योजना को तुरंत बदलना पड़ा।

अमेरिका पर अविश्वास

प्रोफेसर मोहम्मद मरांदी ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान कभी भी अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकता है। उन्होंने अमेरिका को धोखेबाज बताते हुए कहा कि ईरान को हमेशा से ही अमेरिका की असली नीयत पता थी। इसलिए ईरान अपनी सुरक्षा और सैन्य ताकत को लगातार मजबूत करने का काम कर रहा है।

युद्ध की तैयारी

भले ही दोनों देशों के बीच शांति के लिए बातचीत चल रही है लेकिन ईरान युद्ध के लिए भी तैयार है। मोहम्मद मरांदी ने स्पष्ट किया है कि वे अगले दौर के युद्ध की तैयारी में भी पूरी तरह से लगे हुए हैं। यह बयान दिखाता है कि इस क्षेत्र में अभी भी तनाव काफी ज्यादा बना हुआ है।

ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अगले दो दिनों में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से पाकिस्तान में दोबारा मिल सकता है। ट्रंप ने यह भी बताया कि वे इस दूसरी मुलाकात के लिए पूरी तरह से तैयार और बहुत इच्छुक हैं।

सीजफायर का समझौता

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में आठ अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर का समझौता हुआ था। इसके बाद बीते रविवार को इस्लामाबाद (Islamabad) में दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए पहली बार बातचीत हुई। हालांकि पहले दौर की यह वार्ता असफल रही जिसके बाद अब दूसरे दौर की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

पाकिस्तान की भूमिका

इन दोनों बड़े देशों के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान अपनी तरफ से एक बहुत ही अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान की सरकार दूसरे दौर की बातचीत के लिए लगातार अपनी कोशिशें तेज कर रही है ताकि शांति आ सके। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह कूटनीतिक प्रयास कितना ज्यादा सफल हो पाता है।

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