राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (सोर्स-सोशल मीडिया)
Sri Lanka MP Pension Law Repealed: श्रीलंका की संसद ने राजनेताओं के विशेषाधिकारों को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की वामपंथी सरकार ने 49 साल पुराने संसदीय पेंशन अधिनियम को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इस नए कानून के तहत अब वर्तमान और पूर्व सांसदों के साथ-साथ उनकी विधवाओं को मिलने वाली पेंशन भी बंद हो जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकना और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करना है।
श्रीलंका की 225 सदस्यीय संसद में सत्तारूढ़ दल के पास वर्तमान में दो-तिहाई बहुमत उपलब्ध है। पेंशन कानून को रद्द करने के पक्ष में सदन में 154 मत पड़े जबकि केवल दो सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। न्याय मंत्री हरसाना नानायक्कारा ने सांसदों की बहस की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इस कदम का पुरजोर समर्थन किया।
पुराने कानून के अनुसार सांसदों को केवल पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर ही पेंशन का अधिकार मिल जाता था। जबकि अन्य सरकारी कर्मचारियों को पेंशन के लिए पात्र होने हेतु कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी करनी पड़ती थी। सरकार ने इस भेदभाव को खत्म करते हुए अब सभी सांसदों के लिए पेंशन की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
सरकार ने पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाले आवास, वाहन और हजारों बॉडीगार्ड्स जैसी सुविधाओं में भी कटौती की है। यह कदम तब उठाया गया जब पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने सरकारी बंगला खाली करने के अनुरोध को ठुकरा दिया था। अब पूर्व नेताओं को मिलने वाले सरकारी ईंधन, सचिवालयी कर्मचारियों और व्यक्तिगत सुरक्षा में भी भारी कमी कर दी गई है।
विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने इस फैसले पर अपनी आपत्ति जताते हुए इसे सामाजिक सुरक्षा के खिलाफ बताया है। उनका तर्क है कि रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन के लिए विधायकों के पास पेंशन का होना अत्यंत आवश्यक है। प्रेमदासा ने चेतावनी दी कि पेंशन न होने पर नेता अपनी भलाई के लिए भ्रष्टाचार का रास्ता अपना सकते हैं।
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राष्ट्रपति दिसानायके का मानना है कि राजनेताओं को मिलने वाले अनावश्यक लाभों पर रोक लगाना देश हित में है। श्रीलंका वर्तमान में अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़े प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों से गुजर रहा है। जनता के पैसे को नेताओं की सुविधाओं पर खर्च करने के बजाय अब उसे जन कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाएगा।
Ans: सरकार ने 49 साल पुराने संसदीय पेंशन अधिनियम को निरस्त कर दिया है जिसके तहत सांसदों को पेंशन मिलती थी।
Ans: 225 सदस्यीय संसद में पेंशन बंद करने के पक्ष में 154 वोट पड़े और केवल दो सदस्यों ने इसका विरोध किया।
Ans: पुराने कानून के तहत सांसदों को केवल पांच वर्ष की सेवा के बाद पेंशन का अधिकार मिल जाता था।
Ans: पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाले सरकारी आवास, वाहन, ईंधन, सचिवालयी स्टाफ और हजारों बॉडीगार्ड्स में भारी कटौती की गई है।
Ans: विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने तर्क दिया कि पेंशन के अभाव में नेता रिटायरमेंट के बाद भ्रष्टाचार के जरिए पैसा कमाने की कोशिश कर सकते हैं।