Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ बना ‘विद्रोह’, पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को 23 साल की जेल

Han Duck-soo News In Hindi: दक्षिण कोरिया की अदालत ने 2024 में लगाए गए मार्शल लॉ को 'विद्रोह' करार देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को 23 साल की सजा सुनाई है।

  • Written By: अमन उपाध्याय
Updated On: Jan 21, 2026 | 05:30 PM

दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम हान डक-सू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

South Korea Former PM Sentence:  दक्षिण कोरिया की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला आया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। सियोल की एक अदालत ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को विद्रोह के आरोपों में दोषी पाते हुए 23 साल की जेल की सजा सुनाई है।

यह मामला साल 2024 के उस विवादित मार्शल लॉ से जुड़ा है, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति यून सुक योल ने लागू किया था। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि 2024 में लगाया गया मार्शल लॉ कोई प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक विद्रोह था।

यून सरकार के पहले अधिकारी जिन्हें मिली सजा

हान डक-सू, जिन्हें यून सुक योल ने प्रधानमंत्री नियुक्त किया था देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर थे। वह यून प्रशासन के पहले ऐसे उच्चाधिकारी बन गए हैं जिन्हें दिसंबर 2024 के मार्शल लॉ संकट के लिए सजा सुनाई गई है। गौरतलब है कि उस संकट के दौरान हान उन तीन कार्यवाहक नेताओं में से एक थे जो देश का संचालन कर रहे थे। अदालत के इस फैसले ने अब राष्ट्रपति यून और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ चल रहे मुकदमों की दिशा तय कर दी है।

सम्बंधित ख़बरें

ज्ञान मत दीजिए…! जब IMF चीफ से भिड़ गए अश्विनी वैष्णव, VIDEO हुआ वायरल

दिल्ली में सजेगा 22 अरब देशों का दरबार, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत बनेगा ग्लोबल डिप्लोमैटिक हब

मिडिल ईस्ट में महासंग्राम? सऊदी अरब ने यूएई को अलग-थलग करने का बनाया ‘मास्टर प्लान’, लाल सागर पर छिड़ी जंग!

शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद, कोर्ट ने ठुकराई सजा कम करने की अपील; 3 साल बाद जापानी अदालत का बड़ा फैसला

पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल पर मृत्युदंड की तलवार

प्रधानमंत्री की सजा के बाद अब सबकी नजरें पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल पर टिकी हैं। यून भी विद्रोह की साजिश रचने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि स्वतंत्र जांच अधिवक्ता ने अदालत से राष्ट्रपति यून के लिए मृत्युदंड की मांग की है। दक्षिण कोरिया के कानून में विद्रोह को सबसे जघन्य अपराधों में से एक माना जाता है। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट 19 फरवरी को राष्ट्रपति यून के खिलाफ अपना फैसला सुनाएगा।

क्या था मार्शल लॉ संकट?

दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति यून सुक योल ने अचानक मार्शल लॉ की घोषणा कर दी थी, जिसे बाद में असंवैधानिक करार दिया गया। इस कदम के कारण न केवल पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए, बल्कि संसद ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाकर उन्हें पद से हटा दिया।

यह भी पढ़ें:- ज्ञान मत दीजिए…! जब IMF चीफ से भिड़ गए अश्विनी वैष्णव, VIDEO हुआ वायरल

अब अदालत के ताजा रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि सत्ता का दुरुपयोग कर सैन्य शासन थोपने की कोशिश करने वालों के प्रति कानून बेहद सख्त है। यह फैसला न केवल दक्षिण कोरिया बल्कि वैश्विक लोकतंत्र के लिए एक बड़े नजीर के रूप में देखा जा रहा है।

South korea former pm han duck soo sentenced 23 years rebellion martial law

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 21, 2026 | 05:30 PM

Topics:  

  • Latest News
  • South Korea
  • World News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.