बांग्लादेश के कोमिल्ला में एक मंदिर के पास हुए बम धमाके (सोर्स-सोशल मीडिया)
Communal Harmony Disrupted In Bangladesh: बांग्लादेश के कोमिल्ला शहर में शनिवार की शाम उस समय अचानक चीख-पुकार मच गई जब एक मंदिर परिसर में सिलसिलेवार बम धमाके हुए। इन धमाकों ने न केवल शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ दिया बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाने की भी गहरी साजिश रची गई। इस हिंसक घटना में मंदिर के पुजारी समेत कुल तीन लोग घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन अब इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हमलावरों की पहचान करने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
शनिवार शाम करीब 6:28 बजे जब ठाकुरपाड़ा के कालीगाछ मंदिर में शनि देव की पूजा चल रही थी, तभी एक नकाबपोश बैग लेकर वहां घुसा। बैग रखने के कुछ ही क्षणों बाद वहां एक जबरदस्त विस्फोट हुआ जिसकी चपेट में आकर मंदिर के पुजारी केशव चक्रवर्ती गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और पूजा स्थल पर अचानक मची भगदड़ से स्थिति काफी ज्यादा भयावह हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि हमलावर ने केवल एक मंदिर नहीं बल्कि भागते समय अन्य संवेदनशील स्थानों को भी निशाना बनाने की कोशिश की। उसने पास ही स्थित एक बौद्ध मंदिर और पास की सड़क पर भी दो और क्रूड बम फेंके जिससे वहां से गुजर रहे राहगीर भी घायल हुए। स्थानीय निवासी अब्दुल बारेक और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति इस हमले का शिकार हुए जिन्हें तुरंत इलाज के लिए कोमिल्ला मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
कोमिल्ला के पुलिस अधीक्षक मो. अनीसुज्जमान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज हासिल कर लिया है और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने मौके से एक बैग और एक कुल्हाड़ी जैसे महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं जो हमलावरों की पहचान उजागर करने में काफी मददगार साबित होंगे। हालांकि अभी तक हमले के असली मकसद का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है लेकिन पुलिस दोषियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।
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हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आपसी भाईचारे को जानबूझकर खत्म करने की कोशिश बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में धमाके हुए वहां मंदिर और मस्जिद पास-पास हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह एक सोची-समझी साजिश है। इलाके में अब भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की नई हिंसा को रोका जा सके और शांति बहाल की जा सके।