दक्षिण चीन सागर में महाशक्तियों की टक्कर, चाइना ने मार भगाए अमेरिकी युद्धपोत, दुनिया भर में हड़कंप!
South China Sea Conflict: US ने बुधवार को दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में 2 युद्धपोत तैनात किए, जहां दो दिन पहले एक छोटे फिलीपीन जहाज को खदेड़ने की कोशिश में चीनी नौसेना के दो जहाज टकरा गए थे।
- Written By: अभिषेक सिंह
दक्षिण चीन सागर में महाशक्तियों की टक्कर (सोर्स- सोशल मीडिया)
South China Sea: दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और चीन एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। चीनी सेना ने बुधवार को दावा किया कि उसने स्कारबोरो शोल के पास गश्त कर रहे एक अमेरिकी विध्वंसक युद्धपोत की “निगरानी की और उसे खदेड़ दिया”।
वहीं, अमेरिकी नौसेना ने अपनी तैनाती को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया और कहा कि ऐसा ‘नेविगेशन की स्वतंत्रता’ सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। स्कारबोरो शोल के जलक्षेत्र में कम से कम छह वर्षों में पहली बार अमेरिकी नौसेना की यह कार्रवाई हुई है।
दो दिन पहले टकराए थे चीनी जहाज
अमेरिका ने बुधवार को दक्षिण चीन सागर के विवादित तटीय क्षेत्र में दो युद्धपोत तैनात किए, जहां दो दिन पहले एक छोटे फिलीपीन जहाज को खदेड़ने की कोशिश में चीनी नौसेना और तटरक्षक बल के दो जहाज आपस में टकरा गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद कई पश्चिमी और एशियाई देशों में चिंता फैल गई।
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चीनी सेना ने बयान में क्या कहा?
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की दक्षिणी थिएटर कमान ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी विध्वंसक यूएसएस हिगिंस ने “चीनी सरकार की अनुमति के बिना” स्कारबोरो शोल के जलक्षेत्र में प्रवेश किया। बयान में कहा गया, “अमेरिका की यह कार्रवाई चीन की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है और दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है। हम हर समय कड़ी निगरानी रखेंगे।”
यूएस आर्मी ने भी किया बड़ा दावा
अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने अपने बयान में कहा कि यूएसएस हिगिंस ने स्कारबोरो शोल के पास “नेविगेशन के अधिकारों और स्वतंत्रता” का प्रयोग किया, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत मान्य है। बयान में कहा गया, “अमेरिका को उड़ान भरने, नौकायन करने और संचालन करने का अधिकार है जहां अंतर्राष्ट्रीय कानून उसे अनुमति देता है। चीन की आपत्तियां हमें रोक नहीं सकतीं।”
आपको बता दें कि चीन और फिलीपींस दोनों ही स्कारबोरो शोल और दक्षिण चीन सागर के अन्य बाहरी क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं। वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इस विवादित जलक्षेत्र पर अपना दावा करते रहे हैं। वहीं, अमेरिका ने यूएसएस हिगिंस और यूएसएस सिनसिनाटी को स्कारबोरो शोल से लगभग 30 समुद्री मील दूर तैनात किया है।
क्यों अहम है स्कारबोरो शोल?
स्कारबोरो शोल दक्षिण चीन सागर का एक रणनीतिक क्षेत्र है, जो सालाना 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के समुद्री व्यापार मार्ग का हिस्सा है। इस क्षेत्र पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई, ताइवान और इंडोनेशिया सहित कई देश दावा करते हैं।
चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, लेकिन 2016 में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता ने कहा कि ऐतिहासिक मानचित्रों पर आधारित बीजिंग के दावे का कोई कानूनी आधार नहीं है। चीन ने उस फैसले को मानने से इनकार कर दिया।
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सोमवार को, स्कारबोरो से लगभग 10.5 समुद्री मील दूर, एक छोटे फिलीपीन जहाज, बीआरपी सुलुआन को रोकने और भगाने की कोशिश करते समय, दो चीनी नौसेना और तटरक्षक जहाज दुर्घटनावश टकरा गए। जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने बुधवार को इस खतरनाक घटना पर चिंता व्यक्त की। यह टक्कर व्यस्त जलक्षेत्र में हुई, जो एक प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्ग है।
