‘बांग्लादेश तभी लौटूंगी जब…’,शेख हसीना ने यूनुस को दिखाई आंख, कहा- दिल्ली में मैं आजाद
Bangladesh Politics: शेख हसीना ने कहा कि उनका भारत छोड़ने का इरादा नहीं है और चेतावनी दी कि यदि अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा नहीं मिला, तो वोटर बहिष्कार करेंगे।
- Written By: अक्षय साहू
शेख हसीना (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sheikh Hasina Slams Yunus: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि उनका भारत छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने बांग्लादेश के आंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को चेतावनी दी कि अगर उनकी पार्टी, अवामी लीग को आगामी चुनावों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई, तो लाखों बांग्लादेशी वोटर चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
इसके अवाला शेख हसीना ने 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं के लिए माफी मांगने से इनकार किया, जिसके कारण उनका शासन गिरा था। पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश के आर्मी चीफ वकर-उज-जमान की सलाह पर हसीना ने खुद से देश छोड़कर भारत में शरण ली थी। उस समय ढाका में उनके घर की ओर हजारों प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे।
दिल्ली में आजादी से रह रही हसीना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब से वह दिल्ली के एक सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं। शेख हसीना ने मीडिया इंटरव्यू में बताया कि वह बांग्लादेश तब तक नहीं लौटेंगी जब तक वहां की सरकार उनकी पार्टी को चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं देती।हसीना ने कहा, मैं बेशक घर लौटना चाहूंगी, लेकिन जब तक वहां संविधान का पालन हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे, तब तक लौटने का सवाल नहीं है। उन्होंने 2024 के आंदोलन में हुई मौतों पर संवेदनाएं जताई, लेकिन माफी मांगने से इंकार किया।
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हसीना ने इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) की कार्रवाई को दिखावा ट्रायल बताया और आरोप लगाया कि यह उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा उन्हें अपदस्थ करने की साजिश है। उनका कहना था कि यह कदम उनके परिवार के खिलाफ चल रहे राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है। शेख हसीना के पिता, शेख मुजीबुर रहमान, जो बांग्लादेश के संस्थापक थे, और उनके परिवार के कई सदस्य 1975 में हत्या के शिकार हुए थे, जबकि शेख हसीना और उनकी बहन शेख रिहाना बच गईं।
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हसीना ने चुनाव लेकर जताई चिंता
इस बीच, बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने मई में अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया था। हसीना ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाए और कहा कि अगर उनकी पार्टी को चुनावों से बाहर किया जाता है, तो यह बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा होगा। बांग्लादेश की आंतरिम सरकार अगले आम साल चुनाव करवाने की तैयारी कर रही है।
