Bangladesh Ram Temple: ‘राम मंदिर से दिक्कत क्या है?’ बांग्लादेश संसद में कट्टरपंथियों पर बरसे सांसद
Bangladesh Ram Temple: बांग्लादेश की संसद में BNP के सांसद फजलुर रहमान ने कट्टरपंथियों के खिलाफ एक बहुत ही जोरदार भाषण देकर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के अधिकारों का खुलकर समर्थन किया है।
- Written By: प्रिया सिंह
BNP के सांसद फजलुर रहमान (सोर्स - सोशल मीडिया)
Bangladesh Ram Temple News: बांग्लादेश की नई सरकार में मंत्री और BNP सांसद फजलुर रहमान ने देश की संसद में हिंदू अल्पसंख्यकों के पक्ष में एक बेहद अहम और जोरदार भाषण दिया है। उन्होंने अपने इस भाषण में हिंदू समुदाय की सुरक्षा और कट्टरपंथियों की बढ़ती हुई हिंसक गतिविधियों पर खुलकर कई कड़े सवाल उठाए हैं। फजलुर रहमान ने साफ कहा है कि देश में किसी भी नागरिक को सिर्फ उसके धर्म की वजह से निशाना बनाना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। सांसद के इस बेबाक बयान की अब पूरे देश में बहुत ज्यादा चर्चा हो रही है और सभी अल्पसंख्यक लोग उनकी इस पहल की काफी सराहना कर रहे हैं।
अपने भाषण के दौरान रहमान ने उन चरमपंथी लोगों की बहुत ही कड़ी आलोचना की है जो ‘हिंदू देश छोड़ो’ जैसे हिंसक नारे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सड़कों पर उतरकर यह कह रहे हैं कि ‘राम मंदिर नहीं चाहिए’ उन्हें देखकर ही उनका असली मकसद पूरी तरह समझ में आ जाता है। ऐसे कट्टरपंथी लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और इनका एकमात्र मकसद सिर्फ धर्म के नाम पर अपनी ओछी राजनीति और कारोबार करना है। रहमान ने सरकार से अपील की है कि वह सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और ऐसी हिंसा को रोकने के लिए जल्द से जल्द सख्त कानूनी कदम उठाए।
राम मंदिर और पूजा का अधिकार
फजलुर रहमान ने कट्टरपंथियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मैं खुद एक सच्चा मुसलमान हूं और मुझे इस बात से कोई परेशानी नहीं है। अगर हिंदू समुदाय के लोग अपने मंदिर में शांति से पूजा करते हैं और मैं अपनी मस्जिद में नमाज पढ़ता हूं तो इसमें आखिर दिक्कत क्या है। उन्होंने पूछा कि जो लोग राम मंदिर का विरोध कर रहे हैं उन्हें इस धार्मिक स्थल और हिंदुओं की पूजा-पाठ से इतनी ज्यादा नफरत आखिर क्यों है।
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कानून का राज कायम करने की अपील
मंत्री फजलुर रहमान ने सरकार और गृह मंत्री को भी स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अगर सरकार को लगता है कि मंदिर का निर्माण ठीक नहीं है तो वह फैसला ले। लेकिन अगर मंदिर बनाने की पूरी कानूनी अनुमति है तो फिर किसी को भी हिंसा या धमकी देकर उसे रोकने का कोई अधिकार बिल्कुल नहीं है। उन्होंने धर्म के नाम पर लगातार नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत बहुत ही सख्त कार्रवाई करने की जोरदार मांग रखी है।
हिंदू संपत्तियों पर हमलों की निंदा
बीएनपी सांसद ने देश भर में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यकों की निजी संपत्तियों पर होने वाले लगातार हमलों की भी बहुत ही कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसक और शर्मनाक घटनाएं पूरी दुनिया में हमारे देश की छवि को बहुत ही भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। सरकार की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह देश के सभी नागरिकों की पूरी सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करे चाहे उनका धर्म कुछ भी क्यों न हो।
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संसद में मिला भारी समर्थन
जब फजलुर रहमान ने अपना यह बेबाक भाषण दिया तो संसद में मौजूद अन्य बीएनपी सांसदों ने भी मेज थपथपाकर उनका बहुत मजबूती से समर्थन किया। उनके इस बयान को अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों के पक्ष में उठी एक बहुत ही मजबूत और सशक्त आवाज के रूप में पूरे देश में देखा जा रहा है। हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों की सुरक्षा को लेकर जारी बहस के बीच यह भाषण राजनीतिक रूप से बहुत अहम माना जा रहा है।
