Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

सूखने लगा पाकिस्तान का गला, भारत के ‘रावी’ अटैक से मचा हड़कंप, बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा आतंकिस्तान

India-Pakistan Water Dispute: भारत-पाकिस्तान जल राजनीति में बदलाव, शाहपुर कंडी बांध परियोजना रावी नदी का पानी रोककर जम्मू-कश्मीर और पंजाब की भूमि की सिंचाई करेगी, पाकिस्तान में जल संकट बढ़ सकता है।

  • Written By: अक्षय साहू
Updated On: Feb 17, 2026 | 11:24 AM

शाहपुर कंडी बांध बनकर तैयार (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Shahpur Kandi Dam: भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से बहते पानी की राजनीति अब एक नए मोड़ पर है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर बन रहे शाहपुर कंडी बांध का निर्माण अंतिम चरण में है। इस परियोजना के चालू होने के बाद रावी नदी का वह पानी, जो अब तक पाकिस्तान जाता था, जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सूखी जमीन की सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा के अनुसार, बांध का कार्य 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। विशेषकर कठुआ और सांबा जिलों के लिए यह परियोजना जीवनरेखा साबित होगी। बांध 32,173 हेक्टेयर भूमि (कठुआ और सांबा) और पंजाब के लगभग 5,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव करेगा। केंद्र सरकार ने सिंचाई के लिए 485.38 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी मंजूर की है। बांध के पूरा होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, कृषि विकास और बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

सिंधु जल संधि और नीति में बदलाव

1960 की सिंधु जल संधि के तहत भारत को पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलज) पर पूर्ण अधिकार है। हालांकि, तकनीकी कारणों और बांध न होने के कारण रावी का पानी पाकिस्तान चला जाता था। पूर्व सिंचाई मंत्री ताज मोहिद्दीन के अनुसार, शाहपुर कंडी बांध इस संधि के दायरे से बाहर है। अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया और डेटा शेयरिंग रोक दी। अब भारत पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) के पानी के अधिकतम उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। जम्मू-कश्मीर के विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि बांध पूरा होने के बाद पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा, बल्कि कठुआ क्षेत्र की खेती को हरा-भरा करेगा।

सम्बंधित ख़बरें

Imran Khan की दाहिनी आंख में ब्लीडिंग, डॉक्टर्स का खुलासा- कम हो रही आंखों की रोशनी

पाकिस्तान में ‘Honor Killing’ का बढ़ता संकट और न्याय में विफलता: रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

मुंबई पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, भारत-फ्रांस के बीच हो सकते हैं कौन-कौन से रक्षा सौदे?

पाकिस्तान के बन्नू में पुलिस स्टेशन पर बड़ा हमला! मोटरसाइकिल बम धमाके में बच्चे समेत 2 की मौत, कई लोग घायल

मुश्किलों से भरा था डैम का निर्माण

  • 2001: परियोजना को पहली बार मंजूरी मिली, लेकिन अंतर्राज्यीय विवादों के कारण काम रुका।
  • 2018: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और केंद्र के हस्तक्षेप से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में समझौता हुआ।
  • वर्तमान: परियोजना अब मिशन मोड में है ताकि पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के अपव्यय को रोका जा सके।

यह भी पढ़ें: विधानसभा का घेराव करने जा रही कांग्रेस के 200 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अजय राय बोले- गरीबों का हक मार रही सरकार

अधिकारी मानते हैं कि यह कदम न केवल कृषि के लिए अहम है, बल्कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ रणनीतिक दबाव का भी हिस्सा है। पाकिस्तान पहले से ही जल संकट का सामना कर रहा है, और भारत द्वारा अपने हिस्से के पानी का पूरा उपयोग करने से वहां पानी की कमी और बढ़ सकती है। यह स्पष्ट करता है कि भारत अब अपने प्राकृतिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग के प्रति गंभीर है। 

Shahpur kandi dam completion india jammu kashmir punjab irrigation ravi river project could worsen pakistan water crisis

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 17, 2026 | 11:23 AM

Topics:  

  • India
  • Indus Water Treaty
  • Operation Sindoor
  • Pakistan

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.