सर्बिया में छात्रों का सत्ता पर कब्जा! पुतिन समर्थक वुचिच की हार, 14 साल की बादशाहत खत्म

Serbia Election Results 2026: सर्बिया में छात्र समर्थित विपक्षी गठबंधन स्टूडेंट्स लिस्ट की जीत के बाद अलेक्जेंडर वुचिच को हार स्वीकार करनी पड़ी। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने चुनाव में अहम भूमिका निभाई।
Serbia Election Results 2026
सर्बिया चुनाव में अलेक्जेंडर वुचिच को हार मिली सोर्स-सोसल मीडिया
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Highlights:

  • छात्र समर्थित 'स्टूडेंट्स लिस्ट' गठबंधन ने सर्बिया के संसदीय चुनाव में जीत दर्ज की।

  • अलेक्जेंडर वुचिच ने हार स्वीकार की; उनकी पार्टी SNS चुनाव में पीछे रही।

  • भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दे छात्र आंदोलन के प्रमुख आधार रहे।

Aleksandar Vucic loses Serbian Election: यूरोप के कई देशों में सरकारों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के बीच सर्बिया की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोपों के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन वाले विपक्षी गठबंधन 'स्टूडेंट्स लिस्ट' ने संसदीय चुनाव में जीत हासिल की है।

इस नतीजे के साथ करीब 14 वर्षों से सत्ता में प्रभावशाली भूमिका निभा रही राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच की पार्टी सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) को बड़ा झटका लगा है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद वुचिच ने हार स्वीकार कर ली। इसे सर्बिया के राजनीतिक इतिहास में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

छात्र आंदोलन को मिली चुनावी सफलता

सर्बिया में भ्रष्टाचार, सरकारी कामकाज में कथित अनियमितताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर छात्र पिछले करीब दो वर्षों से आंदोलन कर रहे थे। इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला और इसका असर चुनावी राजनीति में भी दिखाई दिया।

छात्रों के समर्थन वाले 'स्टूडेंट्स लिस्ट' गठबंधन ने 250 सदस्यों वाली संसद के चुनाव में जीत दर्ज की। दूसरी ओर, अलेक्जेंडर वुचिच की सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी उससे पीछे रह गई। इस परिणाम को लंबे समय से सत्ता में प्रभाव रखने वाली राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ जनता के असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।

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मतदान के बाद वुचिच ने स्वीकार की हार

रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान समाप्त होने के करीब डेढ़ घंटे बाद अलेक्जेंडर वुचिच ने चुनाव में हार स्वीकार करते हुए कहा कि अब यह स्पष्ट है कि उनकी पार्टी हार गई है और 'स्टूडेंट्स लिस्ट' जीत गई है।

हालांकि, वुचिच ने अपनी पार्टी के प्रदर्शन के लिए स्वतंत्र मीडिया और कुछ यूरोपीय देशों के कथित हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एक कथित अमेरिकी 'डीप स्टेट' पर भी आरोप लगाए।

जानकारी के अनुसार, वुचिच की पार्टी को लगभग 17 लाख वोट मिले, जबकि छात्र समर्थित विपक्षी गठबंधन को करीब 22 लाख वोट हासिल हुए। मतदान प्रतिशत लगभग 70 रहने का अनुमान बताया गया।

बेलग्रेड समेत कई शहरों में समर्थकों ने मनाया जश्न

तो वहीं चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राजधानी बेलग्रेड समेत सर्बिया के कई शहरों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर खुशी जताई। समर्थकों ने कारों के हॉर्न बजाए, गाने गाए और वुचिच के खिलाफ नारे लगाए।

बेलग्रेड के एक केंद्रीय पार्क में वुचिच समर्थकों की ओर से लंबे समय से लगाए गए तंबुओं और शिविरों को हटाने की गतिविधियां भी सामने आईं। बाद में खाली हो चुके शिविर के एक तंबू में आग लगने की खबर मिली।

कुछ युवाओं द्वारा पीछे हट रहे पुलिस वाहनों पर पत्थर फेंकने की भी सूचना सामने आई। तनाव की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग के मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और संवेदनशील स्थानों पर दंगा-रोधी उपकरणों से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

'यह डर के खिलाफ नागरिकों की जीत है'

'स्टूडेंट्स लिस्ट' के उम्मीदवार राडोमिर साइसिच ने चुनावी सफलता को केवल राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि उन नागरिकों की जीत बताया जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना भरोसा बनाए रखा।

उन्होंने इसे डर के खिलाफ लोगों की जीत बताते हुए कहा कि इस परिणाम के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी है। छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों की प्रमुख मांगों में सरकारी जवाबदेही, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना शामिल रहा है।

रेलवे स्टेशन हादसे के बाद तेज हुआ था विरोध

अलेक्जेंडर वुचिच की सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ने की एक बड़ी वजह वर्ष 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन पर कंक्रीट की छतरी गिरने की घटना बनी थी। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी।

घटना के बाद छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सरकारी लापरवाही को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की।

लोकतंत्र और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ा

'स्टूडेंट्स लिस्ट' को विश्वविद्यालयों के छात्रों के आंदोलन का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, गठबंधन की उम्मीदवार सूची में छात्र स्वयं शामिल नहीं थे। इसके बजाय विशेषज्ञों, किसानों, खिलाड़ियों और कलाकारों जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को जगह दी गई।

गठबंधन ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि चुनावी जीत के बाद इन वादों को अमल में लाना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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यूरोपीय संघ की भी बनी रही नजर

सर्बिया के चुनाव पर यूरोपीय संघ ने भी करीबी नजर रखी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने छात्र आंदोलन को बधाई देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदान कर सर्बिया के लोगों ने अपने देश के भविष्य को लेकर अपनी राय जाहिर की है।

उन्होंने कानून के शासन, मीडिया की स्वतंत्रता, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रयासों में सहयोग की पेशकश की।

सर्बिया में आए इस राजनीतिक बदलाव के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई राजनीतिक व्यवस्था भ्रष्टाचार के आरोपों, सरकारी जवाबदेही और लोकतांत्रिक सुधारों से जुड़े वादों को किस तरह पूरा करती है।

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