SCO समिट में पाक की घनघोर बेइज्जती, ठहाके लगाते पुतिन संग निकले मोदी; कोने खड़े ताकते रह गए शहबाज

SCO Summit: चीन में इस समय SCO समिट का आयोजन हो रहा है। भारत के साथ पाकिस्तान भी इस सम्मेलन में शिरकर कर रहा है। इसी बीच एक ऐसी घटना हुई की पाक के PM शहबाज शरीफ हाथ बांधे कोने खड़े नजर आए।
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मोदी-पुतिन ने ठहाके लगाते निकले तो कोने में खामोस खड़े दिखे शरीफ
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SCO Summit 2025: शंघाई सहयोग संगठन में एक ऐसा दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। चीन के तियानजिन शहर में आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया की महाशक्तियां एक साथ नजर आईं। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक-दूसरे के साथ खूब घुलते-मिलते नजर आए। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कोने में हाथ बांधे एक तरफ अकेले खड़े दिखाई दिए, जिन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि कोई तवज्जो नहीं दे रहा था।

सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की बातचीत और मुस्कुराहट ने माहौल को हल्का बना दिया। वीडियो फुटेज और तस्वीरों में दिखा कि तीनों नेता एक-दूसरे से अनौपचारिक बातचीत में खूब मशगूल थे। पुतिन की किसी बात पर प्रधानमंत्री मोदी खुलकर ठहाका लगाते हुए भी नजर आए। इस बीच वहां मौजूद दूसरे नेताओं ने भी बातचीत में रुचि दिखाई, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान मोदी और पुतिन की केमिस्ट्री पर ही गया। इसके उलट शहबाज शरीफ पूरे समय कोने में खड़े होकर हाथ बांधे अलग-थलग इस दृश्य को देखते रहे।

मोदी-पुतिन संग आगे बढ़े, पीछे देखते रह गए शहबाज

सोमवार को समिट के दूसरे दिन जब प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन आपस में बात करते हुए हॉल से गुजर रहे थे, तभी शहबाज शरीफ बिल्कुल अलग-थलग खड़े दिखाई दिए। उनके आसपास न तो कोई बातचीत करने वाला था और न ही कोई उनसे मिलने पहुंचा। इस दौरान उनका ध्यान सिर्फ मोदी और पुतिन की ओर ही टिका रहा। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि वो हाथ बांधे चुपचाप अलग-थलग खड़े रहे और उनकी निगाहें लगातार मोदी और पुतिन की बातचीत पर टिकी रहीं।

सम्मेलन में हुई पाकिस्तान की घनघोर बेइज्जती

एससीओ समिट में शहबाज शरीफ की यह स्थिति पाकिस्तान के लिए बेहद शर्मनाक साबित हुई। जिस मंच पर भारत, रूस और चीन के नेता सहज बातचीत कर रहे थे, वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खुद को पूरी तरह अकेला महसूस कर रहे थे। इस घटना ने साफ कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की नजदीकी और शहबाज शरीफ का किनारे खड़ा रह जाना इस सम्मेलन का सबसे चर्चा योग्य पल बन गया।

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