आज है दशा माता पूजा का दिन, कर लें ये उपाय, कई परेशानियों से मिलेगी मुक्ति, बनेंगे धन आगमन के योग

Dasha Mata Vrat Ki Kahani: दशा माता पूजा का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और कुछ खास उपाय करने से जीवन की परेशानियाँ दूर हो सकती है।
Dasha Mata Vrat Upay
दशा माता (सौ. Gemini)
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Dasha Mata Vrat Upay: आज 13 मार्च को दशा माता व्रत रखा जा रहा है। मां पार्वती का स्वरूप दशा माता व्रत हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत घर की महिलाएं अपने घर की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए रखती हैं।

दशा माता व्रत की महत्व

धार्मिक मान्यता है कि, दशा माता की पूजा करने से घर की बिगड़ी परिस्थितियों में सुधार आता है और जीवन में आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। इसी वजह से इस दिन पूजा के साथ कुछ खास धार्मिक उपाय भी किए जाते हैं।

दशा माता पूजा के दिन क्या करें उपाय

  • त्रिवेणी की करें पूजा

धार्मिक एवं ज्योतिष मान्यता के अनुसार, दशा माता व्रत के दिन पीपल, नीम और बरगद के पेड़ों की पूजा करना अत्यंत शुभ बताया गया है। कहा जाता है कि, इन तीनों पेड़ों को मिलाकर त्रिवेणी कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से जीवन के कई कष्ट कम हो सकते हैं।

  • माता को लाल वस्त्र चढ़ाए

ऐसा कहा जाता है कि, दशा माता को लाल वस्त्र अति प्रिय हैं। इसलिए इस दिन दशा माता की पूजा में लाल रंग के वस्त्र चढ़ाना न भूलें। पूजा के समय माता को लाल वस्त्र, सिंदूर और लाल चूड़ियां अवश्य चढ़ाई जाती हैं।

  • जरूरतमंदों को करें दान

धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है। अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार अनाज, कपड़े या अन्य जरूरत की चीजों का दान कर सकते है। कहते है ऐसा करने से दशा माता अपने भक्तों से प्रसन्न होती है और मनवांछित फल देती है।

  • सुहागिन महिला को कराएं भोजन

इस दिन दान-पुण्य करने के अलावा, सुहागिन महिला को घर बुलाकर भोजन कराया जाता है और उसे सुहाग की सामग्री दी जाती है।

  • समय लाल साड़ी पहनना

मान्यता है कि महिलाएं अगर इस दिन लाल साड़ी पहनकर दशा माता की पूजा करें, तो दशा माता अपने भक्तों से प्रसन्न होती है और भक्तों की सभी दुःख दर्द दूर करती है। अगर आप दशा माता की कृपा चाहते है तो इस दिन लाल साड़ी पहनकर दशा माता की पूजा करें।

  • व्रत में नमक से परहेज

इस दिन व्रत के दौरान कई लोग दिन में एक बार भोजन करते हैं। परंपरा के अनुसार इस भोजन में नमक नहीं लिया जाता।

  • धार्मिक पुस्तकों का करें दान

इस दिन दशा माता व्रत से जुड़ी धार्मिक पुस्तकों का दान भी करते हैं। इसे भी शुभ माना जाता है।

  • बड़ों का आशीर्वाद लें

पूजा के बाद घर के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में प्रेम और सम्मान बना रहता है।

  • त्रिवेणी के पौधे लगाना

यदि संभव हो तो इस दिन पीपल, नीम और बरगद के पौधे लगाना भी शुभ माना गया है।

  • दशा माता की कथा सुनना

पूजा के बाद दशा माता व्रत की कथा सुनना या पढ़ना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि कथा सुनने से व्रत का पूरा फल मिलता है।

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