हद हो गई पार… ईरानी हमलों से खौला सऊदी अरब का खून, दी खुली धमकी, बोले- हमले हुए तो ईरान को होगा बड़ा नुकसान
Saudi Arabia-Iran Tensions: ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, सिविलियन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर निशाना बने। सऊदी अरब ने कड़ा विरोध जताया और चेतावनी दी कि नुकसान ईरान को होगा।
- Written By: अक्षय साहू
सऊदी अरब ईरान को चेतावनी दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Saudi Arabia Warns Iran: ईरान की ओर से खाड़ी देशों के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में बहरीन ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण डीसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया। इससे पहले भी ईरान ने खाड़ी देशों पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसी बीच सऊदी अरब ने बताया कि एक मिलिट्री प्रोजेक्टाइल रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे कई लोग घायल हो गए।
सऊदी अरब ने ईरान की इन कार्रवाइयों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे, तो इसका सबसे अधिक नुकसान ईरान को होगा। मंत्रालय ने खाड़ी, अरब और इस्लामी देशों की तरफ से ईरान के हमलों की निंदा की और कहा कि एयरपोर्ट, तेल सुविधाओं और आम लोगों की जगहों पर हमले सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरे के अलावा कुछ नहीं हैं। यह अंतरराष्ट्रीय चार्टर और कानून का सीधा उल्लंघन है।
सऊदी सरकार ने किया ईरान को दावों को खारिज
सऊदी विदेश मंत्रालय ने ईरान के उन दावों को भी खारिज किया कि सऊदी अरब ने जंग के लिए अपने क्षेत्र से फाइटर जेट और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करने की अनुमति दी थी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जिन एयरक्राफ्ट का हवाला ईरान दे रहा है, वे केवल सऊदी और GCC एयरस्पेस की निगरानी और ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से सुरक्षा के लिए हवाई गश्त कर रहे थे।
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सऊदी अरब ने चेतावनी दी कि ईरान की इस तरह की कार्रवाई समझदारी भरी नहीं है और यह केवल तनाव बढ़ाने वाली है। अगर हमले जारी रहते हैं, तो इसका खाड़ी क्षेत्र और दोनों देशों के मौजूदा व भविष्य के रिश्तों पर गंभीर असर पड़ेगा। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि इस स्थिति में सबसे अधिक नुकसान ईरान को होगा और तटीय देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
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ईरान ने तोड़ा हमला न करने का वादा
सऊदी अरब सरकार ईरान से इसलिए भी नाराज है क्योंकि हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक मीडिया इंटरव्यू में खाड़ी देशों पर हमले करने के लिए माफी मांगी थी। साथ ही यह वादा किया था कि ईरानी फौज अपने पड़ोसी देशों पर तब तक हमले नहीं करेगा जब उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाता। लेकिन इसके अगले ही दी ईरान ने सऊदी समेत कई खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। जिससे तनाव और अधिक बढ़ गया।
