

Saudi Arabia Forms International Alliance Against Houthi Rebels: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ एक बहुत ही बड़ा और सीधा मोर्चा खोल दिया है। हूती विद्रोही बाब अल मंडेब जलडमरूमध्य से सऊदी अरब के कमर्शियल जहाजों को बिल्कुल भी नहीं गुजरने दे रहे हैं। ऐसे में सऊदी अरब इस पूरे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को लेकर बहुत ही सख्त और बड़े कदम उठा रहा है। लाल सागर में बीते एक हफ्ते में तनाव बहुत ही तेजी से बढ़ा है जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए सऊदी अरब लाल सागर में शिपिंग की सुरक्षा के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की पूरी कोशिश कर रहा है। इस अहम मुद्दे पर दुनिया के दर्जनों देशों के साथ सऊदी अरब की बातचीत बहुत ही तेजी से चल रही है। हालांकि इस गठबंधन का स्वरूप अभी पूरी तरह से तय नहीं हुआ है लेकिन कई देशों के नाम सामने आ रहे हैं। इस बड़े समुद्री गठबंधन में कई दूसरे देशों के साथ बांग्लादेश और पाकिस्तान के भी शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
बांग्लादेश सरकार ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नेविगेशन की पूरी आजादी बनाए रखने के लिए इस बड़ी पहल का समर्थन किया है। रक्षात्मक समुद्री गठबंधन की उच्च-स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए बांग्लादेश ने अपने सशस्त्र बल प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के कार्यालय से मिली आधिकारिक मंजूरी के बाद बांग्लादेश कोस्ट गार्ड की एक टीम सऊदी अरब पहुंच चुकी है।
सऊदी अरब जाने वाले इस खास प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बांग्लादेश कोस्ट गार्ड के महानिदेशक रियर एडमिरल मोहम्मद मुनिबुर रहमान कर रहे हैं। उनके साथ कोस्ट गार्ड मुख्यालय के संचालन निदेशक कमांडर मोहम्मद हसीन रजा भी इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए गए हैं। यह अहम प्रतिनिधिमंडल 29 जुलाई से 1 अगस्त तक सऊदी अरब में चलने वाली इस गठबंधन की खास बैठक में प्रमुखता से हिस्सा लेगा।
इस गठबंधन की बैठक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के माध्यम से नेविगेशन की आजादी पर केंद्रित है। यह विशेष क्षेत्र लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ने वाले दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। वाणिज्यिक जहाजों पर बार-बार हो रहे इन हमलों के बाद इस खास जलडमरूमध्य का सामरिक और रणनीतिक महत्व बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है।
ईरान समर्थित हूतियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ पूरी तरह से समुद्री नाकेबंदी की एक बहुत बड़ी और खतरनाक घोषणा की है। इससे युद्ध में अमेरिका और उसके सभी सहयोगियों के खिलाफ एक नया मोर्चा खुल गया है और ऊर्जा ले जाने वाले टैंकरों पर हमले बढ़े हैं। क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार हूती समूह दक्षिणी लाल सागर से गुजरने वाले सभी कमर्शियल जहाजों पर शुल्क लगाने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।