यमन में सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Saudi Arabia Airstrikes Yemen: यमन का गृहयुद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जहां कभी साथ मिलकर विद्रोहियों से लड़ने वाले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं। सऊदी अरब ने यमन के हद्रामौत प्रांत में यूएई समर्थित ‘साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल’ (STC) के ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमला किया है जिससे पूरे अरब जगत में खलबली मच गई है।
इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह कार्रवाई यमन के हद्रामौत प्रांत में की गई जहां सऊदी समर्थित बलों और अलगाववादी लड़ाकों के बीच नियंत्रण को लेकर संघर्ष जारी है।
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन यमन के पूर्वी प्रांतों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पिछले महीने एसटीसी लड़ाकों ने हद्रामौत और अल-महरा जैसे तेल-समृद्ध इलाकों में प्रवेश कर कई रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया।
एसटीसी के उप-प्रमुख और हद्रामौत के पूर्व गवर्नर अहमद बिन बराइक ने आरोप लगाया कि सऊदी समर्थित नेशनल शील्ड फोर्सेज ने उनके शिविरों की ओर बढ़ने की कोशिश की। जब अलगाववादी बलों ने पीछे हटने से इनकार किया, तब सऊदी अरब ने हवाई हमलों का सहारा लिया।
यमन की सेना के एक प्रवक्ता ने इन हमलों को कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में कठोर लेकिन ज़रूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ हो गया है कि कट्टरपंथी और अलगाववादी ताकतें यमन में लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगी।
इससे पहले, एक पोर्ट सिटी में हुए हमले के बाद यूएई ने तनाव कम करने के संकेत देते हुए यमन से अपने सैनिकों की वापसी की घोषणा की थी। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सरकारी समाचार एजेंसी WAM के जरिए कहा कि हालिया घटनाक्रम उनके आतंकवाद-रोधी अभियानों की सुरक्षा और प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि सैनिकों की पूरी वापसी की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
मंगलवार तड़के सऊदी अरब ने यमन में यूएई समर्थित गुटों को भेजे जा रहे हथियारों की एक खेप को भी हवाई हमले में नष्ट कर दिया था। इसके बाद हूती विद्रोहियों के खिलाफ गठबंधन में शामिल बलों ने यूएई से 24 घंटे के भीतर अपने सैनिक हटाने की मांग कर दी।
यमन की राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख रशद अल-अलीमी ने भी बार-बार एसटीसी बलों को पूर्वी प्रांतों से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये गुट यमन की संप्रभुता, राष्ट्रीय एकता और वैध सरकार की सत्ता को सीधी चुनौती दे रहे हैं।
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यमन के रक्षा मंत्रालय ने यूएई की भूमिका को ‘बेहद खतरनाक’ करार देते हुए चेतावनी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को रेड लाइन माना जाएगा और उससे निपटने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।