मिडिल ईस्ट में बड़े बदलाव की आहट! कतर पहुंचे एस. जयशंकर, PM अल-थानी के साथ इन मुद्दों पर हुई चर्चा
S Jaishankar Qatar Visit: एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा जैसे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। पश्चिम एशिया के बदलते समीकरणों के बीच यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है।
- Written By: अमन उपाध्याय
एस जयशंकर कतर दौरे पर PM अल-थानी से चर्चा की , फोटो (सो. सोशल मीडिया)
S Jaishankar Qatar Visit Discusses With PM Al-Thani: विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी खाड़ी देशों की यात्रा के पहले पड़ाव में रविवार को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर बात की। एस.जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चर्चा के मुख्य केंद्र ऊर्जा, व्यापार, निवेश, संपर्क और सुरक्षा रहे। दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के नए अवसरों को तलाशने पर सहमति जताई है। आपको बता दें कि ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में कतर भारत का एक विश्वसनीय भागीदार रहा है।
A pleasure to meet Qatar PM & FM @MBA_AlThani_ in Doha today. Thanked him for ensuring the safety and well-being of the Indian community. Reviewed various facets of our bilateral cooperation especially energy, trade, investments, connectivity, security and people to people… pic.twitter.com/qqQuXr8ELe — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 5, 2026
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बैठक में मुख्य मुद्दा क्या रहा?
बैठक का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और उसके संभावित प्रभावों पर केंद्रित रहा। जयशंकर और अल-थानी ने इस क्षेत्र की स्थिरता और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। गौर करने वाली बात यह है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्मों के बाद, दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता जारी है, जिसमें कतर और ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात
अपनी इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने कतर में रहने वाले विशाल भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के अनुभवों और सुझावों की सराहना की और इसे भारत-कतर साझेदारी को मजबूत करने वाला बताया।
जयशंकर ने विशेष रूप से भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कतर सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी कतर के समाज के प्रति भारतीयों की प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है।
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13 जुलाई को रवाना होंगे न्यूयॉर्क
कतर के बाद विदेश मंत्री जयशंकर बहरीन, कुवैत और ओमान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। खाड़ी के इन चार देशों की यात्रा पूरी करने के बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे। वहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके तत्काल बाद, 14-15 जुलाई को वे ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में भी हिस्सा लेंगे।
