कैदियों की अदला-बदली को लेकर रूस-यूक्रेन तैयार, लेकिन सीजफायर पर नहीं बनी बात
इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता में रूस और यूक्रेन एक-एक हजार युद्धबंदियों की अदला-बदली के लिए मान गए हैं। लेकिन रूस ने युद्धविराम के लिए कई शर्तें रखी हैं, जिनके पूरे होने पर ही वह शांति समझौता करेगा।
- Written By: अक्षय साहू
कैदियों की अदला-बदली पर रूस-यूक्रेन सहमत (फोटो- सोशल मीडिया)
इस्तांबुल: तुर्किये के इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच सोमवार (2 जून 2025) को दूसरे दौर की शांति वार्ता हुई। एक घंटे से भी कम समय तक चली इसी बैठक में दोनों देश सीजफायर पर सहमति नहीं बनी, हालांकि कुछ चीजों को लेकर दोनों में एकमतता नजर आई।
मीटिंग में रूस और यूक्रेन युद्ध में मारे गए 12,000 सैनिकों के शवों की अदला-बदली करने पर सहमत हुए। रूस के प्रतिनिधि मेडिंस्की ने कहा कि ग्रे जोन के जरिए शवों को सौंपा जाएगा। हालांकि जिस क्षेत्र में शवों काआदान-प्रदान होगा वहां सीजफायर जरूरी है। मेडिंस्की के मुताबिक कुछ फ्रंटलाइन इलाकों के लिए सीजफायर प्रस्तावित किया गया है।
दोनों के बीच स्थायी समिति का गठन होगा
इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता में रूस और यूक्रेन के बीच 1,000-1,000 सैनिकों युद्धबंदियों की अदला-बदली पर भी सहमति बनी है। इसमें गंभीर रूप से घायल और बीमार सैनिकों की अदला-बदली पर दोनों पक्षों की सहमति बनी। इस समझौते के अंतर्गत 25 साल से कम उम्र के युवा सैनिकों को इस दायरे में लाया गया है। हालांकि अभी इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है कि यह प्रक्रिया कब शुरू होगी।
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यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने बताया कि बैठक में रूस ने शत्रुता समाप्त करने के लिए क्रेमलिन की शर्तों को बताते हुए एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के अधिकारियों को दस्तावेज़ की समीक्षा करने और प्रतिक्रिया पर निर्णय लेने के लिए एक सप्ताह का समय चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने 20 जून से 30 जून के बीच शांति वार्ता पर आगे की बातचीत का प्रस्ताव रखा है।
क्या है सीजफायर पर रूस की शर्त
रूस ने अपने ज्ञापन में यूक्रेन को सुझाव दिया है कि वह उन चार क्षेत्रों से अपनी सेना वापस ले ले, जिन्हें रूस ने सितंबर 2022 में कब्जा कर लिया था। लेकिन युद्धविराम की शर्त के रूप में कभी पूरी तरह से कब्जा नहीं किया। इसके अलावा रूस ने कहा है कि यूक्रेन अपनी धरती पर किसी भी तीसरे देश की सैन्य उपस्थिति पर प्रतिबंध लगाए।
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रूस ने यूक्रेन में मार्शल लॉ खत्म करने और चुनाव करवाने को कहा है। इसके बाद दोनों देश शांति संधि पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। यूक्रेन नाटो में शामिल होने के अपने प्रयास को त्याग दे। यूक्रेन अपने सशस्त्र बलों के आकार पर सीमा निर्धारित करेगा और यूक्रेनी भाषा के समान रूसी भाषा को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देगा।
