काला सागर में तबाही! यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रूस का भीषण ड्रोन अटैक, मचा हड़कंप
Odesa Drone Attack: रूस ने यूक्रेन के ओडेसा इलाके में ड्रोन हमले कर नागरिक बंदरगाह सुविधाओं और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है। इन हमलों के बाद काला सागर में समुद्री संघर्ष और अधिक उग्र हो गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रूस का भीषण ड्रोन अटैक, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Russia Ukraine War News In Hindi: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। यूक्रेनी नौसेना और सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को रूस ने यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र पर भीषण ड्रोन हमलों किया गया। इन हमलों में नागरिक बंदरगाहों की अहम संरचनाओं और उन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया जो अनाज लोड करने के लिए बंदरगाहों में दाखिल हो रहे थे।
यूक्रेनी नौसेना ने जानकारी दी कि पनामा के झंडे वाले दो नागरिक जहाज एम्माक्रिस III और कैप्टन करम पर उस वक्त रूसी ड्रोन से हमला हुआ, जब वे काला सागर के यूक्रेनी बंदरगाह में गेहूं लोडिंग के लिए प्रवेश कर रहे थे। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब यूक्रेन वैश्विक खाद्य आपूर्ति में अपनी अहम भूमिका बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
चोर्नोमोरस्क पर भी ड्रोन हमले
यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ओलेक्सी कुलेबा के अनुसार, रूसी बलों ने काला सागर के रणनीतिक बंदरगाहों पिवडेनी और चोर्नोमोरस्क पर भी ड्रोन हमले किए। इन हमलों के दौरान तेल भंडारण टैंकों को भी निशाना बनाया गया। कुलेबा ने इसे नागरिक बंदरगाह अवसंरचना पर किया गया सोचा-समझा और उद्देश्यपूर्ण हमला बताया।
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उन्होंने कहा कि यह रूस की ओर से नागरिक बंदरगाहों को नुकसान पहुंचाने की एक और योजनाबद्ध कोशिश है। दुश्मन का मकसद यूक्रेन की आपूर्ति व्यवस्था को बाधित करना और समुद्री यातायात को और कठिन बनाना है। हालांकि यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों के बावजूद दोनों बंदरगाह फिलहाल काम करते रहे।
क्यों महत्व है इस बंदरगाह का?
ओडेसा और उसके आसपास का क्षेत्र काला सागर के उन प्रमुख बंदरगाहों का केंद्र है जिन्हें यूक्रेन के विदेशी व्यापार और युद्धकालीन अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यूक्रेन दुनिया के प्रमुख कृषि उत्पादक और निर्यातकों में शामिल है खासतौर पर गेहूं और मक्का के मामले में। लगभग चार वर्षों से चल रहे युद्ध के दौरान ओडेसा, पिवडेनी और चोर्नोमोरस्क का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि देश के कई अन्य बंदरगाह या तो तबाह हो चुके हैं या रूसी नियंत्रण में चले गए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच समुद्री टकराव तेज
हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन के बीच समुद्री टकराव में तेजी आई है। दोनों पक्ष काला सागर और उससे जुड़े इलाकों में सैन्य और वाणिज्यिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। जहां यूक्रेन ने रूस के कथित शैडो फ्लीट से जुड़े जहाजों पर हमले के लिए समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाया है वहीं रूस ने ओडेसा शहर और उसके बंदरगाह ढांचे पर हमले और तेज कर दिए हैं।
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यूक्रेनी नौसेना ने कड़े शब्दों में कहा कि नागरिक ठिकानों और जहाजों पर किए जा रहे हमले आम लोगों की जान को खतरे में डालते हैं और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर डालते हैं। नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना जानबूझकर किया गया युद्ध अपराध है।
