भारत को किलर क्रूज मिसाइल देने को तैयार हुआ रूस…,सबमरीन से हो सकती है लॉन्च, पाक-चीन में हड़कंप
Russia-India Relations: रूस ने भारत को 1500 किमी रेंज वाली कालिब्र क्रूज़ मिसाइलें ऑफर की हैं, जो किलो-क्लास सबमरीन की फायरपावर बढ़ाकर भारतीय नौसेना को मजबूत रणनीतिक स्ट्राइक क्षमता प्रदान करेंगी।
- Written By: अक्षय साहू
रूस ने भारत को कालिब्र क्रूज मिसाइल का ऑफर दिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Russia Kalibr Cruise Missile India: रूस ने भारत को एक ऐसा शक्तिशाली हथियार ऑफर किया है, जो भारतीय नौसेना की ताकत में बड़ी वृद्धि कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने भारतीय सबमरीन को 1500 किमी रेंज वाली कालिब्र क्रूज मिसाइलों से लैस करने का प्रस्ताव दिया है। ये मिसाइलें भारतीय सबमरीन के स्टैंडर्ड 533 मिमी टॉरपीडो ट्यूब से दागी जा सकेंगी, जिससे उन्हें लंबी दूरी तक मार करने की खासियत मिलेगी।
इस प्रस्ताव से भारतीय नौसेना को डीप-स्ट्राइक लैंड अटैक की क्षमता भी मिलेगी, वह भी बिना अपने प्लेटफॉर्म में बड़े बदलाव किए। इसके साथ ही, इस सिस्टम को ब्रह्मोस और निर्भय-क्लास सिस्टम के साथ एक विकल्प के रूप में जोड़ा गया है। कालिब्र मिसाइल फैमिली कोई अकेली मिसाइल नहीं है, बल्कि एक मॉड्यूलर सिस्टम है जो सबमरीन को मल्टीरोल रणनीतिक हथियार प्लेटफॉर्म में बदल देता है।
फायरपावर बढ़ाने के विकल्प तलाश रही नौसेना
यह ऑफर ऐसे समय आया है जब भारतीय नौसेना अपने पुराने किलो-क्लास सबमरीनों की फायरपावर बढ़ाने के विकल्प तलाश रही है। अगर कुल नौ किलो-क्लास में से छह सबमरीन को कालिब्र मिसाइलों से लैस किया जाता है, तो यह तुरंत एक सेकंड स्ट्राइक डिटरेंट बन सकता है। कालिब्र की 1500 किमी की रेंज फारस की खाड़ी से मलक्का स्ट्रेट तक फैली रणनीतिक जगहों को कवर कर सकती है, जो आर्थिक और सैन्य दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।
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हालांकि, भारत का DRDO रूस के साथ मिलकर स्वदेशी SLCM विकसित करने पर भी काम कर रहा है और इसे लंबे समय में प्राथमिकता दी जा रही है। मगर रक्षा विशेषज्ञ इसे एक अंतरिम समाधान के रूप में देखते हैं, जो कम जोखिम लेकिन अधिक प्रभावी है और भारत को जरूरी ऑपरेशनल अनुभव और समय उपलब्ध कराएगा।
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यूक्रेन युद्ध में घातक नतीजे
रूस ने यूक्रेन में अपने सैन्य ऑपरेशन के दौरान कालिब्र मिसाइलों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया है। इस साल फरवरी में भी भारत ने रूस से कलिब्र-पीएल एंटी-शिप क्रूज मिसाइल खरीदने के लिए समझौता किया था, जो इस रिश्ते को और मजबूत करता है। यह कदम भारतीय नौसेना की आक्रामक संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय नौसेना को यह मिसाइल मिलने का मतलब वो समुद्र में पाकिस्तान और चीन को और कड़ी टक्कर देने में सक्षम हो जाएगा।
