रूस में तेल और पत्थरों से लदी ट्रेनें पटरी से उतरीं, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Train Accident In Russia: रूस के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों पर मालगाड़ियों के पटरी से उतरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। रूसी परिवहन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राहत और मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए।
पहली दुर्घटना मुरमान्स्क क्षेत्र के अपातिति स्टेशन (ओक्त्याब्र्सकाया रेलवे) पर हुई, जहां ईंधन तेल से भरी पांच बोगियां सुबह लगभग 11:12 बजे (मॉस्को समय) पटरी से उतर गईं। यह हादसा ट्रेन के शंटिंग ऑपरेशन के दौरान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद तुरंत आपातकालीन टीमों को मौके पर भेजा गया।
दो रिकवरी ट्रेनों को भी बुलाया गया ताकि ट्रैक को जल्द से जल्द साफ कर रेल यातायात बहाल किया जा सके। राहत की बात यह रही कि ईंधन का कोई रिसाव नहीं हुआ और न ही आसपास के लोगों के लिए कोई खतरा पैदा हुआ। इस हादसे से मुख्य रेल लाइनों पर परिचालन प्रभावित नहीं हुआ।
दूसरा हादसा लेनिनग्राद क्षेत्र के येनेगा स्टेशन पर हुआ, जहां क्रश्ड स्टोन (पत्थर) से लदी चार बोगियां पटरी से उतर गईं। बोगियां पलटी नहींं, लेकिन इस घटना के कारण सेंट पीटर्सबर्गपेत्रोज़ावोद्स्क मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। इस मार्ग पर चलने वाली एक यात्री ट्रेन और 17 मालगाड़ियों के परिचालन में देरी दर्ज की गई। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत ट्रैक की मरम्मत शुरू की और देर शाम तक संचालन सामान्य होने की संभावना जताई।
रूस में इस वर्ष यह पहली बार नहीं है जब रेल हादसे ने चिंता बढ़ाई है। इससे पहले, 31 मई को ब्रायंस्क ओब्लास्ट क्षेत्र में एक बड़ा रेल हादसा हुआ था। उस घटना में एक यात्री ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण सात लोगों की मौत और 35 लोग घायल हुए थे। वह हादसा तब हुआ जब एक सड़क पुल अचानक ढह गया और उसका मलबा ट्रेन पर गिर पड़ा।
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दुर्घटना के बाद यात्रियों को अस्थायी राहत शिविरों में ले जाया गया था और उनके आगे के सफर के लिए वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। हालिया हादसों को देखते हुए रूस की रेलवे एजेंसी ने देशभर में सुरक्षा जांचों को तेज करने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ठंड और बुनियादी ढांचे की पुरानी स्थिति ऐसे हादसों की एक बड़ी वजह बन सकती है।