रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Sergey Lavrov Great Britain Name Change: ग्रीनलैंड को लेकर जारी वैश्विक तनाव और अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच रूस ने अब ब्रिटेन पर सीधा जुबानी हमला बोला है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक चौंकाने वाला प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि अब समय आ गया है जब ‘ग्रेट ब्रिटेन’ के नाम से ‘ग्रेट’ शब्द हटा दिया जाना चाहिए और इसे सिर्फ ‘ब्रिटेन’ कहा जाना चाहिए।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान लावरोव ने यह टिप्पणी उपनिवेशवाद के संदर्भ में की। उन्होंने तर्क दिया कि ब्रिटेन दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जो आधिकारिक तौर पर अपने नाम के आगे ‘ग्रेट’ लगाता है। लावरोव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इतिहास में एक और देश था जिसने अपने नाम में ‘ग्रेट’ शब्द का इस्तेमाल किया था ‘ग्रेट सोशलिस्ट पीपल्स लीबियन अरब जमाहिरिया’ लेकिन वह देश अब अस्तित्व में नहीं है।
रूस और ब्रिटेन के बीच यह वाकयुद्ध ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के रिश्ते शीत युद्ध के बाद के सबसे निचले स्तर पर हैं। जहां डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका रूस के साथ संबंध सुधारने की बात कर रहा है, वहीं रूस ने ब्रिटेन को अपना ‘दुश्मन नंबर वन’ घोषित कर रखा है। रूसी सरकारी टीवी चैनलों पर अक्सर ब्रिटेन को ‘परफिडियस एलबियन’ यानी ‘धूर्त ब्रिटेन’ कहकर संबोधित किया जाता है।
रूसी मीडिया का आरोप है कि ब्रिटेन वाशिंगटन से लेकर ईरान तक पर्दे के पीछे रूस के खिलाफ साजिशें रचता है। दूसरी ओर, ब्रिटेन का मानना है कि रूस पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। रूसी भाषा में यूनाइटेड किंगडम को आमतौर पर ‘वेलिकोब्रिटानिया’ कहा जाता है जिसका अर्थ ‘ग्रेट ब्रिटेन’ ही होता है लेकिन लावरोव का यह बयान इस पारंपरिक नामकरण पर सीधा हमला है।
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इसके जवाब में ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि पुतिन ब्रिटेन से इसलिए नफरत करते हैं क्योंकि ब्रिटेन, यूक्रेन का सबसे करीबी सहयोगी बना हुआ है और उसने अब तक 21.8 बिलियन पाउंड की सहायता का वादा किया है।