आसमान में अटकी रही EU की महिला नेता की जान, रूस पर लगाया प्लेन का GPS जाम करने का आरोप
Ursula Von Der Leyen: यूरोपीय संघ ने रूस पर आरोप लगाया कि 31 अगस्त 2025 को उर्सला वॉन डेर लेयन के प्लेन का GPS जानबूझकर जाम किया गया, जिससे आपात लैंडिंग करनी पड़ी। रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं।
- Written By: अक्षय साहू
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन (फोटो- सोशल मीडिया)
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यूरोपीय संघ (EU) ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि 31 अगस्त 2025 को आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन के प्लेन का GPS नेविगेशन सिस्टम उड़ान के दौरान जानबूझकर जाम कर दिया गया। इस वजह से प्लेन को बुल्गारिया में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।
यूरोपीय संघ के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब उर्सला पोलैंड और बेलारूस की सीमा से लौट रही थीं। उड़ान के बीच अचानक प्लेन के GPS सिस्टम काम करना बंद कर दिया, इससे पायलट को प्लेन की दिशा तय करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि प्लेन को लगभग एक घंटे तक बुल्गारियाई हवाई क्षेत्र में चक्कर काटते रहना पड़ा। जब तकनीकी खराबी ठीक नहीं हो सकी, तब पायलट ने पारंपरिक नक्शों की मदद से एक बुल्गारियाई हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग कराई।
सुरक्षा एजेंसियों ने जताया शक
बुल्गारिया की सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में शक जताया गया है कि, यह GPS जैमिंग जानबूझकर रूस की ओर से की गई साइबर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि रूस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस घटना ने यूरोप और रूस के बीच पहले से चल रहे तनाव को एक नया मंच दे दिया है।
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यूरोपीय यूनियन की प्रमुख उर्सला वॉन डेर लेयन रूस-यूक्रेन युद्ध में शुरू से ही यूक्रेन के समर्थन में और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ मुखर रही हैं। हाल ही में उन्होंने अमेरिका का दौरा भी किया था, जहां वे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और कुछ अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिली थीं।
रूस के साथ संबंधों में तनाव
यह घटना इसलिए भी विशेष रूप से चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि यह पोलैंड-बेलारूस सीमा क्षेत्र में घटी, जो भौगोलिक रूप से रूस और पश्चिमी देशों के बीच एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। पोलैंड जहां यूक्रेन समर्थक यूरोपीय देशों में अग्रणी है, वहीं बेलारूस रूस का प्रमुख सहयोगी है।
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अब यह मामला केवल एक तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना का असर आने वाले समय में यूरोपीय संघ की सुरक्षा नीतियों और रूस के साथ संबंधों पर गहरा पड़ सकता है।
