मिसाइलें, बारूद और खामोश गुफाएं… ईरान की वो ‘अंडरग्राउंड’ ताकत जिसने थाम दिया दुनिया की तेल सप्लाई
Qeshm Island Iran Missile City: होर्मुज में स्थित ईरान का केश्म द्वीप अपनी गुप्त 'मिसाइल सिटी' के कारण युद्ध का नया केंद्र बन गया है। जानिए क्यों यह द्वीप US और इजरायल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
- Written By: अमन उपाध्याय
केश्म द्वीप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Qeshm Island Strategic Military Base Iran: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान का केश्म द्वीप वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है। कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और यूनेस्को जियोपार्क के लिए मशहूर यह द्वीप अब ईरान के सबसे शक्तिशाली सैन्य गढ़ के रूप में उभरा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर स्थित यह द्वीप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग पर एक ‘कॉर्क’ की तरह काम करता है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है।
जमीन के नीचे छिपी है ‘मिसाइल सिटी’
केश्म द्वीप के नीचे ईरान ने एक विशाल सैन्य बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जिसे ‘अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी’ कहा जाता है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन भूमिगत भूलभुलैया में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने घातक मिसाइलें और तेजी से हमला करने वाली नावें छिपा रखी हैं। ब्रिगेडियर-जनरल हसन जौनी के मुताबिक, इन ठिकानों का प्राथमिक उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना या उसे पूरी तरह बंद करना है। पिछले सप्ताह ही ईरान द्वारा जहाजों पर हमले की धमकी के बाद इस मार्ग से व्यापारिक आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।
युद्ध की तपिश और मानवीय संकट
7 मार्च 2026 को इस द्वीप पर तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी हवाई हमलों ने द्वीप के एक महत्वपूर्ण डिसेलिनेशन प्लांट (खारे पानी को मीठा करने वाला संयंत्र) को निशाना बनाया। इस हमले के कारण लगभग 30 गांवों में ताजे पानी की आपूर्ति ठप हो गई, जिसे तेहरान ने नागरिकों के खिलाफ एक ‘जघन्य अपराध’ करार दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
China में दर्दनाक हादसा…पटाखा फैक्ट्री में हुआ भीषण धमाका, 21 लोगों की मौत, सामने आया घटना का खौफनाक VIDEO
होर्मुज में फिर शुरू होगी जंग! ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को दी खुली धमकी, प्रोजेक्ट फ्रीडम को बताया डेडलॉक
होर्मुज में भीषण टकराव: ईरान का दावा- अमेरिकी युद्धपोत पर दागीं दो मिसाइलें; अमेरिका ने हमले से किया इनकार
यूक्रेन के मेरेफा पर रूस का मिसाइल हमला, फ्रंट लाइन से दूर रिहायशी इलाकों में मची तबाही; कई लोगों की मौत
केश्म द्वीप इन्फोग्राफिक
इसके जवाब में, ईरानी सेना ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने ‘जुफैर’ पर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की। वर्तमान में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इस जलमार्ग को जबरन खोलने के लिए युद्धपोतों का एक काफिला तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
सामरिक महत्व और ऐतिहासिक विरासत
लगभग 1,445 वर्ग किलोमीटर में फैला यह द्वीप भौगोलिक रूप से इतना विशाल है कि यह पूरे खाड़ी क्षेत्र के प्रवेश द्वार पर हावी रहता है। इसका इतिहास सदियों पुराना है; 17वीं शताब्दी में पुर्तगालियों ने यहां किला बनाया था जिसे बाद में फारसी और अंग्रेजी सेना ने मिलकर मुक्त कराया था। ब्रिटिश नौसेना ने भी 19वीं सदी में यहां अपना बेस बनाया था जिसे 1935 में छोड़ा गया। आज, यह द्वीप ईरान के लिए एक ‘अजेय विमान वाहक’ की तरह काम कर रहा है।
यह भी पढ़ें:- जंग के बीच चीन-ईरान की बढ़ती नजदीकी से कांपा US, क्या खाड़ी देशों में नया मोर्चा खोलने की तैयारी में है ड्रैगन?
कुदरती करिश्मा और पर्यटन
सैन्य तनाव के बावजूद, केश्म अपनी प्राकृतिक विविधता के लिए अद्वितीय है। यहां दुनिया की सबसे लंबी नमक की गुफाओं में से एक ‘नमकदान’ और ‘वैली ऑफ स्टार्स’जैसे अद्भुत भूगर्भीय स्थल मौजूद हैं। इसके अलावा, यहां का हारा मैंग्रोव फॉरेस्ट प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल है। हालांकि, वर्तमान युद्ध की स्थिति ने इस ‘ओपन-एयर म्यूजियम’ को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है।
