पुतिन ने अमेरिका को दी राहत, एक साल के लिए बढ़ाई परमाणु समझौते की डेडलाइन, कहा- ट्रंप से भी उम्मीद
Russia News: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते की अवधि एक साल बढ़ाई, और उम्मीद जताई कि अमेरिकी प्रशासन भी इसे मंजूर करेगा। समझौता 5 फरवरी 2026 को खत्म हो रहा है।
- Written By: अक्षय साहू
रूस ने बढ़ाई परमाणु समझौता समाप्ति की समय सीमा (फोटो- सोशल मीडिया)
Russia-US Nuclear Deal: रूस के राष्ट्रपति व्लामीदिर पुतिन ने अमेरिका के साथ परमाणु हथियार समझौते को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने इस समझौते की समय सीमा एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन भी उनकी ही तरह इसे लेकर सम्मति जताएगा। दोनों के बीच यह समझौता अगले साल 5 फरवरी 2026 को खत्म हो रहा है।
रूस की सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ एक मीटिंग में बोलते हुए पुतिन कहा कि 2010 के न्यू स्टार्ट समझौते की समाप्ति से वैश्विक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, रूस उम्मीद करेगा कि अमेरिका भी संधि की सीमाओं का पालन करेगा। अमेरिका जल्द ही इसे लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है।
Russian President Vladimir Putin says Moscow will adhere to nuclear arms limits for one more year after US pact expires, reports AP. pic.twitter.com/O6TCfka02L — Press Trust of India (@PTI_News) September 22, 2025
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क्या है न्यू स्टार्ट समझौता?
यह संधि साल 2010 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और दिमित्री मेदवेदेव के बीच साइन हुई थी। इसका मकसद था कि अमेरिका और रूस सीमित संख्या में परमाणु हथियार और उन्हें ले जाने वाले मिसाइल और बॉम्बर ही तैनात करें। यह संधि 5 फरवरी 2026 को खत्म होने वाली है।
पुतिन ने कहा कि रूस फिलहाल संधि में तय किए गए हथियारों की संख्या का पालन करता रहेगा, लेकिन 2026 के बाद क्या करना है, यह स्थिति देखकर तय किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह तभी मुमकिन है जब अमेरिका भी ऐसा ही करे और कोई ऐसा कदम न उठाए जिससे दोनों देशों के बीच परमाणु संतुलन बिगड़े।
संधि में यह तय था कि हर देश के पास 1,550 से ज्यादा परमाणु हथियार और 700 मिसाइल व बमवर्षक नहीं होंगे। संधि के तहत हथियारों की जांच के लिए निरीक्षण भी होते थे, लेकिन ये निरीक्षण 2020 के बाद से बंद हैं।
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पुतिन ने संधि से बाहर होने किया था ऐलान
इससे पहले फरवरी 2023 में पुतिन ने कहा कि रूस अब इस संधि में शामिल नहीं रहेगा, क्योंकि अमेरिका और उसके सहयोगी रूस की हार की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद रूस ने अमेरिकी निरीक्षकों को अपनी परमाणु साइट्स पर जाने की अनुमति देना बंद कर दी। हालांकि, रूस ने कहा कि वह संधि को पूरी तरह छोड़ नहीं रहा है और वह हथियारों की तय संख्या का पालन करता रहेगा।
