फिलिस्तीनियों पर गोलीबारी से पसीजा पोप लिया का दिल, इजराइल की बर्बारता पर भड़कें

Pope Leo on Gaza: गाजा में इजराइली हमले में 93 फिलिस्तीनियों की मौत पर पोप लियो ने कड़ी निंदा की, शांति की अपील की; इजराइल ने जांच और नागरिकों की मौत पर दुख जताने का वादा किया।
फिलिस्तीनियों पर गोलीबारी से पसीजा पोप लिया का दिल, इजराइल की बर्बारता पर भड़कें
पोप लिया (फोटो- सोशल मीडिया)
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Pope Leo on Gaza: गाजा में राहत की तलाश में जुटे 93 फिलिस्तीनियों की इज़राइली सेना के हमले में मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना पर वेटिकन सिटी से पोप लियो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गाज़ा स्थित एकमात्र कैथोलिक चर्च के विध्वंस और फिलिस्तीनियों पर जारी हिंसक हमलों की कठोर शब्दों में निंदा की है।

पोप लियो ने कहा, "मैं एक बार फिर प्रार्थना करता हूं कि युद्ध की यह बर्बरता तुरंत समाप्त हो और यह संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से हल हो।" यह बात उन्होंने रविवार को रोम के पास स्थित अपने ग्रीष्मकालीन निवास कास्टेल गंडोल्फो में एंजेलस प्रार्थना के समापन पर कही, जैसा कि एएफपी ने रिपोर्ट किया। बीते गुरुवार गाजा में होली फैमिली चर्च पर हुए घातक हमले के बाद, पोप ने शुक्रवार सुबह इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बातचीत भी की थी।

इजराइल ने किया जांच का वादा

इजराइली हमले में नष्ट किए गए एक चर्च में लगभग 600 विस्थापित फिलिस्तीनी नागरिक शरण लिए हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और दर्जनों विशेष जरूरतों वाले लोग शामिल थे। इस घटना के बाद इजराइल ने चर्च की इमारत को हुए नुकसान और आम नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताया और वादा किया कि वह अपनी सेना की इस कार्रवाई की जांच करेगा।

पोप लियो ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह घटना गाजा में नागरिकों और पूजा स्थलों पर हो रहे सैन्य हमलों की कड़ी को और आगे बढ़ाती है।” उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह मानवीय कानूनों का पालन सुनिश्चित करे, नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी को गंभीरता से ले और सामूहिक दंड, अंधाधुंध बल प्रयोग तथा जबरन पलायन पर रोक लगाए।

गाजा खाली करने का आदेश

इस बीच, इजराइली सेना ने रविवार को मध्य गाजा में रह रहे फिलिस्तीनियों को वहां से हटने का आदेश दिया। इजराइल का कहना है कि यह कदम हमास के उग्रवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान के तहत उठाया गया है। गाजा की 20 लाख से अधिक आबादी में अधिकांश लोग अब तक युद्ध के दौरान कम से कम एक बार विस्थापन का सामना कर चुके हैं। यह संघर्ष अब अपने 22वें महीने में प्रवेश कर चुका है।

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