POK में JAAC नेतृत्व पर खतरा! मार्च से पहले बढ़ा तनाव, आसिम मुनीर ने आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का दिया निर्देश
PoK Protests Update: पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच जेएएसी नेतृत्व पर खतरे का दावा किया गया है। मुजफ्फराबाद मार्च से पहले तनाव बढ़ने की आशंका है। मार्च में बच्चे महिलाएं-बच्चे भी शामिल होंगे।
- Written By: अमन मौर्या
शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर (सोर्स-IANS)
Joint Awami Action Committee Protests PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दावा किया गया है कि पाकिस्तान के हुक्मरान, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि आंदोलन को समाप्त किया जा सके। जेएएसी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कथित विफलता, बढ़ती महंगाई, राजनीतिक भेदभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ आंदोलन कर रही है। संगठन ने अब तक सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान की चेतावनियों के बावजूद अपने रुख में बदलाव नहीं किया है।
असीम मुनीर सरकार पर बना रहे दबाव
एक खुफिया अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान, विशेष रूप से सेना का धैर्य अब जवाब दे रहा है। अधिकारी के अनुसार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर आंदोलन को खत्म करने के पक्ष में हैं और सरकार पर भी प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे नहीं झुकने का दबाव बना रहे हैं।
अधिकारी ने दावा किया कि मुनीर पहले भी सुरक्षा बलों के साथ बैठकों में आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के निर्देश दे चुके हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर इस मुद्दे को लेकर मचे बवाल के बाद हुक्मरान क्षेत्र में हालात सामान्य दिखाने के लिए प्रदर्शन को जल्द खत्म कराना चाहते हैं।
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JAAC नेतृत्व ने पीछे हटने से किया इनकार
हालांकि, जेएएसी नेतृत्व ने कथित खतरे के बावजूद पीछे हटने से इनकार किया है। संगठन ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी तरह के दबाव से डरें नहीं और आंदोलन को जारी रखें। नेताओं ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगर नेतृत्व के सभी लोग मारे भी जाते हैं, तो भी यह आंदोलन जनता का आंदोलन बनकर जारी रहना चाहिए।
जेएएसी का कहना है कि उसका आंदोलन बढ़ती जीवन-यापन लागत, राजनीतिक भेदभाव, अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय असहमति को दबाने की कोशिश कर रही है।
POK में बवाल पर भारत सख्त
भारत ने भी पीओके में कथित बल प्रयोग को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों की जायज चिंताओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस कार्रवाई, इंटरनेट प्रतिबंध, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग का सहारा लिया है।
जेएएसी कर रहा बड़े मार्च की तैयारी
इस बीच, जेएएसी की ओर से बड़े मार्च की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मार्च में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी कर रखी है और चेतावनी दी है कि इसे तोड़ने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जेएएसी ने बुधवार को मुजफ्फराबाद तक मार्च जारी रखने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धीरे-धीरे प्रतिरोध आंदोलन का रूप ले रहा है।
एजेंसी इनपुट के साथ…
