

Randhir Jaiswal On Qatar Gas Plant Explosion: कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित गैस संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जिससे पूरे देश में शोक की लहर है। भारत सरकार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह मृतकों के परिजनों के लगातार संपर्क में है और पार्थिव शरीरों को स्थानिय अधिकारियों के सहयोग से जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हादसे में कई अन्य देशों के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं और कुल 66 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास स्थानीय कतर प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत और सहायता कार्यों में जुटा हुआ है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी घटना पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तकनीकी खराबी बताई गई है।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों कि मौत हुई है। तो वहीं घायल हुए लोगों का जिक्र करते हुए आगे बताया, "अलग-अलग देशों के लगभग 66 लोग घायल हुए हैं। हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि उनमें से कितने भारतीय नागरिक हैं, लेकिन घायल हुए सभी लोग सुरक्षित हैं। हम पार्थिव शरीर की पहचान करने और उन्हें भारत लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से बात कर रहे हैं। साथ ही हम इस बेहद दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के संपर्क में भी हैं।''
इस घटना पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "रास लाफान में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर से अत्यंत दुखी हूं। "कतर एनर्जी के अनुसार, इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं,
जबकि घायलों में कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं। तो वहीं कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह घटना एक तकनीकी खराबी के कारण हुई एक औद्योगिक दुर्घटना थी।
कतर के गृह मंत्रालय ने भी कहा कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि यह विस्फोट संचालन के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ। मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि किसी भी प्रकार का गैस रिसाव नहीं हुआ है जो आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा पैदा करे। अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और फिलहाल आगे की जांच जारी है।